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RBI ने घटाई GDP वृद्धि दर का अनुमान, महंगाई पर बढ़ा ध्यान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर को 6.6% और महंगाई दर को 5.1% पर निर्धारित किया है। RBI के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों और मौसम की अनिश्चितताओं के कारण ये अनुमान घटाए गए हैं। जानें इस निर्णय के पीछे के कारण और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव के बारे में।
 

RBI का नया GDP अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की आर्थिक विकास दर का अनुमान कम कर दिया है। पहले RBI ने 6.9 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद जताई थी, जिसे अब घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही, RBI ने खुदरा महंगाई दर को 5.1% पर बनाए रखने का अनुमान लगाया है.


आर्थिक चुनौतियाँ

RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, सप्लाई चेन में रुकावटें और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताएँ भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन रही हैं। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है.


मौद्रिक नीति समिति की बैठक

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के दौरान कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। निजी खपत, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा निर्यात ने अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है। RBI के नए अनुमान के अनुसार, FY27 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 6.6 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.3 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.


जलवायु की चिंता

RBI ने मौसम को भी एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बताया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि सामान्य से कम मानसून और एल नीनो जैसी स्थितियाँ कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं। भारत की अर्थव्यवस्था में मानसून की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और कमजोर मानसून से खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं। हालांकि, RBI ने यह भी कहा कि देश में खाद्यान्न भंडार और जलाशयों में पर्याप्त पानी है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है.


कच्चे तेल का प्रभाव

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा है। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर भारत पर पड़ता है.


महंगाई का नया अनुमान

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई के अनुमान को भी बढ़ा दिया है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण खुदरा महंगाई दर में उछाल आया है। RBI ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर को 5.1% पर बनाए रखने का अनुमान लगाया है, जो पहले 4.6% था।