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स्वाति मालीवाल का भगवंत मान पर तीखा हमला, आरोपों की बौछार

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे धार्मिक स्थलों पर जाने से पहले शराब पीते हैं और अपनी सरकार में अपराधियों को जगह देते हैं। उन्होंने मान पर ऑस्ट्रेलिया में पैसे छिपाने का भी आरोप लगाया। मान ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें झूठी हैं और उन्होंने अपनी बात रखने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब का दरवाजा खटखटाया। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
 

स्वाति मालीवाल का बयान

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर श्री अकाल तख्त के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणियों को लेकर कड़ा हमला किया। मालीवाल ने आरोप लगाया कि मान धार्मिक और सरकारी स्थलों पर जाने से पहले शराब का सेवन करते हैं और अपनी सरकार में अपराधियों को स्थान देते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि मान ऑस्ट्रेलिया में करोड़ों रुपये छिपा रहे हैं। मालीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि करोड़ों रुपये ऑस्ट्रेलिया में ठिकाने लगाकर, शराब पीकर गुरुद्वारा, मंदिर, सरकारी मीटिंग और संसद में जाने वाले एक व्यक्ति, जो चोरों और गुंडों को अपनी सरकार में जगह देता है, पवित्र श्री अकाल तख्त पर घटिया बयान दे रहा है। यह घोर कलयुग है और बेशर्मी की हद है!


भगवंत मान का जवाब

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज सिख परंपराओं पर अपनी कथित टिप्पणियों के सिलसिले में श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में पेश होकर कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। सचिवालय में पेश होने के बाद उन्होंने कहा कि सिंह साहिब का निर्णय उन्हें बताया जाएगा और वे इसके आगामी निर्णय का सम्मान करेंगे। मान ने यह भी कहा कि उनकी टिप्पणी का वीडियो "फर्जी" है और उन्होंने इसे फोरेंसिक प्रयोगशाला में जांच कराने का प्रस्ताव रखा।


मीडिया से बातचीत

मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि उनके खिलाफ मिली सभी शिकायतों के जवाब में उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अकाल तख्त साहिब के समक्ष लिखित प्रमाण भी प्रस्तुत किए हैं। मान ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें कि वह श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती दे रहे हैं, झूठी हैं। उन्होंने कहा कि सिंह साहब का निर्णय उन्हें सूचित किया जाएगा और वह इसका सम्मान करेंगे। मान ने यह भी कहा कि वीडियो फर्जी है और इसकी जांच किसी भी फोरेंसिक प्रयोगशाला में कराई जा सकती है।