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संसद के मानसून सत्र में विपक्षी मुद्दों पर जोर देगा 'इंडिया' गठबंधन

सुधाकर सिंह ने 'इंडिया' गठबंधन की आगामी संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार के खिलाफ उठाए जाने वाले मुद्दों का खुलासा किया है। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर ध्यान केंद्रित करने की बात की है। इसके साथ ही, भाजपा की विपक्षी दलों को कमजोर करने की रणनीति का भी विरोध करने का संकल्प लिया गया है। जानें और क्या मुद्दे उठाए जाएंगे और विपक्ष की क्या रणनीति होगी।
 

सुधाकर सिंह का बयान

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा है कि 'इंडिया' गठबंधन आगामी संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर के चढ़ावे से संबंधित मुद्दों और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर केंद्र सरकार को घेरने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा विपक्षी दलों में फूट डालने की कोशिशों का भी विरोध करने का संकल्प लिया। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा।


भाजपा की रणनीति पर सवाल

सुधाकर सिंह, जो बिहार के बक्सर से सांसद हैं, ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए विपक्षी दलों को कमजोर करने की रणनीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना है, लेकिन 'इंडिया' गठबंधन इस प्रयास का मजबूती से विरोध करेगा।


महत्वपूर्ण मुद्दों पर विपक्ष का ध्यान

सुधाकर सिंह ने बताया कि विपक्ष संसद में हर महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाने का प्रयास करेगा। इनमें राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी, पेपर लीक, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शामिल हैं। उन्होंने हाल के दिनों में विपक्षी सांसदों के पाला बदलने की खबरों को चिंता का विषय बताया।


संविधान की सुरक्षा पर जोर

राजद नेता ने कहा कि पहले दल-बदल कानून के तहत बदलाव होते थे, लेकिन अब नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, इसलिए वह विपक्ष को कमजोर करने में जुटा है। यह संविधान को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।


2024 के चुनाव और लोकतांत्रिक अधिकार

सुधाकर सिंह ने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव संविधान की रक्षा के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। भाजपा के नए कानूनों से यह स्पष्ट है कि संविधान को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे नागरिकों के वोटिंग अधिकार पर हमला बताया।


विपक्ष का विरोध

राजद सांसद ने स्पष्ट किया कि विपक्ष 'एक देश, एक चुनाव' और परिसीमन जैसे कदमों का संसद में विरोध करेगा, क्योंकि ये लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करते हैं। इसके अलावा, उन्होंने नीट पेपर लीक को एक 'राष्ट्रीय संकट' बताते हुए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।