संजय राउत की मोदी की विदेश नीति पर आलोचना
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सुझाव दिया कि मोदी को अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं के बजाय घरेलू राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। राउत ने पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि ट्रंप के साथ बातचीत करने के बजाय, मोदी को विपक्ष से संवाद करना चाहिए। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक में ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की। इस बैठक में सभी दलों ने सरकार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
Mar 25, 2026, 20:12 IST
संजय राउत की कड़ी टिप्पणी
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं के बजाय घरेलू राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हाल ही में मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच हुई फोन वार्ता पर टिप्पणी करते हुए राउत ने कहा कि मोदी को वैश्विक मुद्दों जैसे मध्य पूर्व संकट पर बात करने के बजाय भारत में विपक्ष से संवाद करना चाहिए, जिससे अधिक सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे वे मोदी के बॉस हों।
भारत की भूमिका पर सवाल
राउत ने आगे कहा कि ट्रंप से बातचीत करने के बजाय, मोदी को देश के विपक्ष से संवाद करना चाहिए, क्योंकि उनसे बेहतर सुझाव मिल सकते हैं। उन्होंने पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने ट्रंप के साथ बातचीत में समझौता करने की इच्छा दिखाई है, जिसे सराहा जा रहा है।
सर्वदलीय बैठक का महत्व
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वर्तमान वैश्विक संघर्षों में भारत की भूमिका क्या है। पाकिस्तान ने ट्रंप को बताया है कि वह समझौते के लिए तैयार है, और ट्रंप ने इसका स्वागत किया है। इसका मतलब है कि ट्रंप मोदी को मूर्ख बना रहे हैं। इस बीच, केंद्र सरकार ने बुधवार को एक घंटे 45 मिनट तक चली सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा स्थिर है और अतिरिक्त खेपें रास्ते में हैं।
बैठक के बाद की जानकारी
बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज सरकार ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। उन्होंने सभी दलों के सदस्यों का धन्यवाद किया और कहा कि सरकार ने विपक्षी नेताओं के सभी प्रश्नों का उत्तर दिया। सभी विपक्षी दलों ने आश्वासन दिया है कि वे सरकार के साथ खड़े रहेंगे। सभी नेताओं ने जानकारी साझा की और अपनी चिंताओं को व्यक्त किया।