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विपक्षी इंडिया गठबंधन में बढ़ते मतभेद: सीपीएम, डीएमके और जेएमएम की नाराजगी

विपक्षी इंडिया गठबंधन के भीतर हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जिसमें सीपीएम, डीएमके और जेएमएम के बीच मतभेद उभरकर सामने आए हैं। सीपीएम ने कांग्रेस के खिलाफ कड़ा पत्र लिखा है, जबकि डीएमके ने बैठक का बायकॉट करने का निर्णय लिया है। जेएमएम भी कांग्रेस के एकतरफा फैसले से नाराज है और उम्मीदवार उतारने की धमकी दे रही है। जानें इस राजनीतिक संकट के पीछे के कारण और आगे की संभावनाएं।
 

गठबंधन की स्थिति में खटास

विपक्षी इंडिया गठबंधन के भीतर हालात कुछ ठीक नहीं लग रहे हैं। गठबंधन में शामिल प्रमुख राजनीतिक दलों के रुख में अचानक बदलाव देखने को मिला है। सोमवार को दिल्ली में होने वाली INDIA ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक से पहले ही विपक्षी दलों के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं। डीएमके पहले से ही असंतुष्ट है, और अब सीपीएम तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा का रुख भी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन गया है।


सीपीएम का कड़ा पत्र

सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने केरल में लेफ्ट पार्टी के खिलाफ कांग्रेस के चुनाव प्रचार और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई की मांग पर कड़ी आपत्ति जताई है। बेबी ने पत्र में यह सवाल उठाया है कि कांग्रेस का सीपीएम के प्रति रवैया देखते हुए बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना मुश्किल होगा।


सीपीएम की बैठक में भागीदारी

सीपीएम ने कांग्रेस के खिलाफ अपनी गंभीर आपत्तियों के बावजूद नई दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक में भाग लेने का निर्णय लिया है। पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास को इस बैठक में भेजने का फैसला किया है।


डीएमके और जेएमएम की नाराजगी

सीपीएम के कड़े रुख के बीच, डीएमके पहले ही इस बैठक का बायकॉट करने की घोषणा कर चुकी है। तमिलनाडु चुनाव के परिणामों के बाद कांग्रेस ने डीएमके का साथ छोड़कर टीवीके के साथ सरकार बनाई, जिससे डीएमके बेहद नाराज है। इसी कारण उन्होंने बैठक से दूरी बना ली है।


झारखंड मुक्ति मोर्चा भी कांग्रेस से खफा है। जेएमएम का असंतोष इस बात को लेकर है कि कांग्रेस ने झारखंड में राज्यसभा उम्मीदवार की घोषणा अकेले ही की।


जेएमएम की उम्मीदवार उतारने की धमकी

जेएमएम के सूत्रों के अनुसार, पार्टी कांग्रेस के इस एकतरफा फैसले से इतनी नाराज है कि उसने झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए अपना दूसरा उम्मीदवार उतारने की धमकी दी है।


बंगाल हिंसा पर उठे सवाल

विवाद यहीं खत्म नहीं होता। केरल में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी द्वारा सीपीएम पर किए गए हमलों से लेफ्ट पार्टियां नाराज हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर टीएमसी नेता ममता बनर्जी का समर्थन करने की गठबंधन की कोशिशों पर लेफ्ट को सख्त एतराज है। सीपीएम नेता बेबी ने खरगे को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि जब तक इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक गठबंधन का असली उद्देश्य सवालों के घेरे में रहेगा।