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योगी आदित्यनाथ का समाजवादी पार्टी पर हमला: माफिया और अराजकता के आरोप

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए पिछली सरकार के कार्यकाल में माफिया को संरक्षण देने और कल्याणकारी योजनाओं को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य में सुरक्षा की स्थिति में सुधार किया है और गरीबों के लिए योजनाएं लागू की हैं। योगी ने यह भी बताया कि कैसे अराजकता के माहौल में युवाओं को पहचान का संकट झेलना पड़ा। जानें उनके बयान के प्रमुख बिंदु और सपा की आलोचना।
 

मुख्यमंत्री का तीखा बयान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए पिछली सरकार पर माफिया को संरक्षण देने और कल्याणकारी योजनाओं को रोकने का आरोप लगाया। मऊ के मधुबन में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य में सुरक्षा की स्थिति को बेहतर बनाया है और यह सुनिश्चित किया है कि जन कल्याणकारी योजनाएं गरीबों तक पहुंचें।


पिछली सरकार की विफलताएँ

योगी ने कहा कि पूर्व की सरकार माफिया के सामने झुक गई थी, जिससे अराजकता और अव्यवस्था का माहौल बना। उन्होंने यह भी कहा कि अब किसी भी माफिया या गुंडे में त्योहारों के दौरान गड़बड़ी करने की हिम्मत नहीं है। यदि कोई धार्मिक आयोजन में बाधा डालता है, तो त्योहार मनाया जाएगा, लेकिन उसका परिणाम रावण और कंस की तरह होगा।


युवाओं का पहचान संकट

मुख्यमंत्री ने बताया कि उस समय अराजकता के माहौल में युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। राज्य में नौकरियों की कमी थी, और जब वे बाहर जाते थे, तो उत्तर प्रदेश का नाम सुनते ही लोग पीछे हट जाते थे। योगी ने कहा कि पहले गरीबों के लिए कोई सुविधाएं नहीं थीं।


मोदी सरकार की योजनाएँ

योगी ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी को सत्ता सौंपने के बाद से भारत में बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि मोदी जी के अनुसार चार जातियाँ महत्वपूर्ण हैं: गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों की। यदि इन चारों का उत्थान हो जाए, तो देश आगे बढ़ेगा।


सपा की आलोचना

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग आज उपदेश दे रहे हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कि सपा सरकार के समय गरीबों को 65 लाख मकान क्यों नहीं दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने 50 साल तक शासन किया, लेकिन उन्होंने गरीबों के लिए कुछ नहीं किया। आज राज्य में 1 करोड़ लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं।