योगी आदित्यनाथ का बंगाल दौरा: ममता बनर्जी पर तीखा हमला
योगी आदित्यनाथ ने बंगाल में अपने दौरे के दौरान ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उन्होंने माफिया राज और भ्रष्टाचार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में टीएमसी के गुंडे सड़कों पर झाड़ू लगाते हुए नजर आएंगे। योगी ने बंगाल को ममता सरकार से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया है। इस दौरे में उन्होंने यूपी के विकास मॉडल का उदाहरण देते हुए बंगाल में भी विकास की बात की। जानें इस राजनीतिक संघर्ष की पूरी कहानी।
Apr 17, 2026, 11:34 IST
बीजेपी का मिशन बंगाल
बीजेपी ने बंगाल में अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए राज्य का दौरा किया है। इस दौरान, योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उन्होंने ममता के शासन में माफिया और भ्रष्टाचार के बढ़ते प्रभाव की बात की। योगी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में टीएमसी के गुंडे सड़कों पर झाड़ू लगाते हुए नजर आएंगे। बीजेपी का यह संकल्प है कि वे इस प्रवृत्ति को समाप्त करेंगे।
ममता बनर्जी के 15 साल का निशाना
निशाने पर दीदी के 15 साल
बंगाल के बाराबनी में योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी की सरकार की अब कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल को माफिया राज और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलने वाली है। योगी ने लोगों से अपील की कि जो पिछले 15 वर्षों से बंगाल को संकट में डाल रहे हैं, उन्हें अब और सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने यूपी के विकास मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब शांति है और बंगाल को भी इसी दिशा में बढ़ना चाहिए।
टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला
टीएमसी बनाम बीजेपी
बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। ममता बनर्जी जहां केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही हैं, वहीं बीजेपी अपने मिशन बंगाल को पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में जय श्री राम बोलने पर प्रतिबंध था, लेकिन अब अयोध्या में राम जन्मभूमि का निर्माण हो चुका है। उन्होंने टीएमसी के नारों का जवाब देते हुए कहा कि अब बंगाल में विकास की शुरुआत होगी।
हुगली में अर्ध-धर्मांतरण का मामला
बंगाल में अर्ध-धर्मांतरण के लिए हिंदू मजबूर!
हुगली में कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में ऐसी दाढ़ी रखनी पड़ रही है जिससे वे मुसलमानों की तरह दिखें। हालांकि, ये लोग खुद को हिंदू बताते हैं। एक निजी मीडिया समूह की रिपोर्ट के अनुसार, जीविका के लिए उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है। लेकिन इस मामले की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है।