मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम पार्षद के 'वंदे मातरम' गाने से इनकार पर जताया दुख
मुख्यमंत्री का बयान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर नगर निगम की एक कांग्रेस पार्षद द्वारा 'वंदे मातरम' गाने से मना करने की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह और भी खेदजनक है कि पार्षद ने स्पष्ट रूप से कहा, "मैं इसे नहीं गाऊंगी।" इस घटना ने कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा उजागर कर दिया है।
मुख्यमंत्री यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि नगर निगम पार्षद रुबीना खान जैसे राष्ट्रविरोधी तत्वों को प्रोत्साहित करना उनकी नीति क्यों है।
कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए
मोहन यादव ने जीतू पटवारी से यह भी पूछा कि उन पार्षदों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है जो 'भारत माता की जय' का नारा लगाने और 'वंदे मातरम' गाने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पटवारी और अन्य कांग्रेस नेताओं को अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 'वंदे मातरम' की भावना को कमजोर किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'वंदे मातरम' के झंडे तले राष्ट्र को एकजुट किया है और भारतीय जनता का दिल जीता है।
इंदौर नगर निगम की घटना
इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस की फौजिया शेख अलीम ने 'वंदे मातरम्' गाने से मना कर दिया था। इसके अलावा, निर्दलीय पार्षद रुबीना इकबाल खान ने भी धर्म का हवाला देते हुए राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार किया। यादव ने कहा कि इस पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं निकल पा रही है और इंदौर नगर निगम की महिला पार्षदों ने बेशर्मी की हद पार कर दी है।
मुख्यमंत्री की चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस मामले पर बहुत दुख है और ग्लानि महसूस हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी, जो हर मुद्दे पर बोलते हैं, इस पर अब चुप क्यों हैं। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस की पार्षद की टिप्पणी पर उनका क्या कहना है। यदि पटवारी और कांग्रेस नेता इस पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, तो सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए।