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भाजपा नेताओं को भ्रष्टाचार से दूर रहने की सलाह: दिलीप घोष

पश्चिम बंगाल के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने भाजपा कार्यकर्ताओं को भ्रष्टाचार और जबरन वसूली से दूर रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान भ्रष्टाचार में शामिल लोग अब भाजपा नेताओं से संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं। घोष ने पार्टी के सिद्धांतों से भटकाव की जांच का आश्वासन दिया और नए विधायकों को सत्ता के प्रभाव से बचने की सलाह दी। जानें इस महत्वपूर्ण बयान के पीछे की पूरी कहानी।
 

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

कोलकाता, 2 अगस्त: पश्चिम बंगाल के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी है कि वे जबरन वसूली या भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों से संबंध न रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में कोई ढील नहीं देगी। घोष ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान भ्रष्टाचार में शामिल कई लोग अब भाजपा नेताओं के साथ संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं।


उन्होंने कहा, "जबरन वसूली की संस्कृति को समाप्त करने में समय लगेगा। भ्रष्टाचार में लिप्त लोग हमारी पार्टी के नेताओं के करीब आने का प्रयास कर रहे हैं।" मंत्री ने यह भी बताया कि कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए इस प्रभाव से बचना कठिन हो रहा है और उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों को सावधान रहने की सलाह दी। घोष ने बिना नाम लिए भाजपा के कुछ नए विधायकों पर भी निशाना साधा।


उन्होंने कहा, "कुछ नए विधायकों को सत्ता का नशा चढ़ रहा है। जबरन वसूली करने वाले उनसे करीबी संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को यह याद रखना चाहिए कि उन्होंने राज्य में बदलाव के लिए वोट दिया था।" भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष घोष ने यह भी बताया कि पार्टी अपने नेताओं के आचरण पर नजर रख रही है।


उन्होंने कहा कि पार्टी के सिद्धांतों से किसी भी प्रकार की भटकाव की जांच की जाएगी। घोष का यह बयान भाजपा के पश्चिम बंगाल इकाई के वर्तमान अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की चेतावनी के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने पार्टी नेताओं को जबरन वसूली में शामिल होने से बचने की सलाह दी थी और कहा था कि अगर गड़बड़ियां जारी रहीं तो संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।