भाजपा ने राहुल गांधी पर युवाओं का राजनीतिक उपयोग करने का लगाया आरोप
भाजपा का राहुल गांधी पर हमला
नई दिल्ली, 5 अगस्त: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह युवाओं का इस्तेमाल कर अपने राजनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए 'विभाजन के बीज बोने' और 'झूठा विमर्श' फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी पर 'झूठ के पुलिंदे' को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया और युवाओं से अपील की कि वे इससे प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'आपके हैं और हम सभी आपके साथ हैं।'
यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा गृहमंत्री अमित शाह को हाल ही में युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद आई।
गांधी ने आरोप लगाया था कि शाह में छात्रों के साथ हुई घटना के बारे में संसद में बताने का साहस नहीं है। यह टिप्पणी उन्होंने उन छात्रों के एक समूह से मुलाकात के बाद की, जिन्होंने पिछले महीने पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा, 'मैंने पहले भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा था कि कोई गोली नहीं चलाई गई।'
उन्होंने कहा, 'चूंकि यह एक संवेदनशील मामला है, मैं फिर से स्पष्ट करना चाहता हूं कि 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च के दौरान कोई गोली नहीं चलाई गई।'
पात्रा ने कहा, 'राहुल गांधी युवाओं के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। यह सही नहीं है।'
उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनका राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करना गलत है। पात्रा ने कहा, 'युवाओं की कोई गलती नहीं है। जब हम स्कूल और कॉलेज में थे, तब हमने भी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था।'
भाजपा नेता ने कहा कि युवाओं को 'निडर' होना चाहिए और जरूरत पड़ने पर आंदोलनों में भाग लेने से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी के साथ आज जो बच्चे थे, उनसे मैं स्नेह के साथ कहना चाहता हूं—निडर रहिए और बिल्कुल मत डरिए। हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हैं, लेकिन आप हमारे अपने हैं।'
पात्रा ने आरोप लगाया कि गांधी युवाओं का इस्तेमाल करके अपने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए 'झूठा विमर्श' तैयार कर रहे हैं और 'विभाजन के बीज बो रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि गांधी दूसरों के कंधों का इस्तेमाल करके राजनीतिक विमर्श खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वह खुद ऐसा करने में असफल रहे हैं।
गांधी की प्रेस वार्ता के दौरान एक महिला ने आरोप लगाया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उसके निजी अंगों पर प्रहार किया। उसने यह भी कहा था कि वह मुस्लिम नहीं है, जैसा कि ऑनलाइन कई लोग मान रहे हैं और इस कारण उसे और अधिक निशाना बनाया जा रहा है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पात्रा ने कहा, 'वह शर्मा हों या खान, आप भारत की बेटी हैं। देश 'सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास' से आगे बढ़ता है।'
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि गांधी द्वारा आगे बढ़ाया गया विभाजनकारी एजेंडा 'अत्यंत गलत' है। गृह मंत्री अमित शाह के संसद में नहीं आने के गांधी के आरोप पर पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ही सदन को चलने नहीं देते।
पात्रा ने कहा, 'गृहमंत्री हमारे पहुंचने से पहले संसद पहुंचते हैं और हमारे जाने के बाद निकलते हैं, कई बार आधी रात तक रहते हैं। आप सदन को चलने नहीं दे रहे और कह रहे हैं कि गृह मंत्री नहीं आते। जब गृह मंत्रालय से जुड़े किसी विषय पर चर्चा होगी तो वह निश्चित रूप से मौजूद रहेंगे।'
उन्होंने कहा, 'गृह मंत्री संसद में उपस्थित रहते हैं, लेकिन विपक्ष किसी भी विषय पर चर्चा नहीं होने देता और देश यह सब देख रहा है।'
पात्रा ने गांधी पर छात्रों के मुद्दों पर चयनात्मक रुख अपनाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने सवाल किया कि वह अभी तक झारखंड जाकर उन छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से क्यों नहीं मिले, जो झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 25 जुलाई से रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'वे भी युवा हैं, वे भी आंदोलन कर रहे हैं। राहुल गांधी को उनसे भी मिलना चाहिए और उनकी पीड़ा तथा दुख को समझना चाहिए।'
पात्रा ने कहा कि गांधी जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। वह झारखंड नहीं जा रहे, क्योंकि वहां उनकी सरकार है।