फडणवीस का हिंदुत्व पर जोर: वोट मांगने का नहीं, आत्मा का मामला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ने कभी भी हिंदुत्व का दिखावा करके वोट नहीं मांगे हैं। उन्होंने इसे अपनी आत्मा के रूप में वर्णित किया। एएनआई से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि हिंदुत्व मराठी समाज की गहराई में बसा हुआ है और उनकी पार्टी सभी समुदायों की परंपराओं और मान्यताओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा, "हिंदुत्व हमारी आत्मा है। हमने कभी भी इसे दिखावे के लिए नहीं अपनाया। क्या कोई मराठी व्यक्ति हिंदुत्व में विश्वास नहीं करता? हम हर जाति के हिंदुत्व का सम्मान करते हैं और उनकी परंपराओं के अनुसार इसका पालन करते हैं।"
ओवैसी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
हिजाब पहनने वाली महिला के महापौर बनने के संदर्भ में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की हालिया टिप्पणी पर फडणवीस ने परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "मराठी मुसलमानों" के साथ गठबंधन करके हिजाब पहनने वाली महिला को महापौर बनाने का दावा करना मराठी लोगों की पहचान को गुमराह करता है। फडणवीस ने कहा, "जब कोई इस तरह का दावा करता है, तब हमें यह स्पष्ट करना होगा कि हिंदुत्व वास्तव में क्या है। तभी हम इसे जनता के सामने रख सकते हैं।"
उद्धव ठाकरे पर आरोप
फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने चुनावी लाभ के लिए एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए हिंदुत्व को त्याग दिया है। पूजा स्थलों के बाहर लगे लाउडस्पीकरों के मुद्दे पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बालासाहेब ठाकरे की मांग को पूरा करते हुए कानून और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार उन्हें हटवाया है।
लाउडस्पीकरों का मुद्दा
फडणवीस ने कहा कि सिर्फ वोट पाने और एक खास समुदाय को लुभाने के लिए हिंदुत्व से दूरी बनाना उद्धव ठाकरे को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा, "लाउडस्पीकर हटवाना बालासाहेब का सपना था। हमने कानून और सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेकर लाउडस्पीकर हटवाए। अब यह स्पष्ट है कि भविष्य में चाहे जो भी सरकार बने, लाउडस्पीकर दोबारा नहीं लगाए जा सकते।"