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प्रियंका गांधी के गाजा मुद्दे पर भाजपा का कड़ा जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा के संदर्भ में प्रियंका गांधी द्वारा गाजा में 'नरसंहार' का मुद्दा उठाने के बाद भाजपा ने उन पर तीखा हमला किया है। भाजपा ने प्रियंका को 'महिला गजनी' करार देते हुए उन पर सुविधाजनक आक्रोश व्यक्त करने का आरोप लगाया। इस विवाद ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है, खासकर जब प्रियंका ने मोदी से गाजा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करने की उम्मीद जताई। जानें इस सियासी टकराव के पीछे की पूरी कहानी।
 

सियासी विवाद की नई परत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा को लेकर देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने गाजा में 'नरसंहार' का मुद्दा उठाया, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर तीखा हमला किया। भाजपा ने प्रियंका को 'भारतीय राजनीति की महिला गजनी' करार देते हुए उन पर 'सुविधाजनक आक्रोश' व्यक्त करने का आरोप लगाया है.


महिला गजनी का संदर्भ

भाजपा ने प्रियंका गांधी के संदर्भ में 2008 की हिंदी फिल्म 'गजनी' का उदाहरण दिया, जिसमें एक पात्र की याददाश्त बार-बार चली जाती है। भाजपा का कहना है कि प्रियंका को गाजा में मानवीय संकट दिखाई देता है, लेकिन वह इजराइल में 7 अक्टूबर को हुए हमलों को भूल गई हैं.


प्रियंका का बयान

यह विवाद तब और बढ़ा जब प्रियंका गांधी ने मोदी की इजराइल यात्रा से पहले उन पर निशाना साधा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मोदी इजराइल की संसद 'नेसेट' में गाजा के नरसंहार का जिक्र करेंगे और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करेंगे। केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत को सत्य, शांति और न्याय की रोशनी दिखाते रहना चाहिए.


भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रियंका की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, 'महिला गजनी' वापस आ गई हैं! भाटिया ने प्रियंका की एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें वह 'फलस्तीन' लिखा बैग लिए खड़ी हैं. उन्होंने कहा कि संसद में 'फलस्तीन' का बैग ले जाना आसान है, लेकिन 1,200 निर्दोष लोगों के नरसंहार की निंदा करना प्रियंका के लिए मुश्किल है.


मोदी की यात्रा का उद्देश्य

भाटिया ने कहा कि ऐसे कृत्यों की निंदा करने के लिए नैतिक साहस की आवश्यकता होती है। मोदी की इजराइल यात्रा बुधवार से शुरू हो रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार सहयोग को मजबूत करना है। यह मोदी की इजराइल की दूसरी यात्रा है, जो पिछले नौ वर्षों में हो रही है.