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पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, बंगाल में बदलाव का किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक चुनावी रैली में टीएमसी की नीतियों पर तीखा हमला किया। उन्होंने 15 वर्षों में टीएमसी द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने केवल झूठ और लूट की राजनीति की है। मोदी ने यह भी बताया कि टीएमसी अन्य राज्यों में चुनाव लड़ने में असफल रही है। उन्होंने बंगाल में विश्वास और विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस महत्वपूर्ण भाषण के मुख्य बिंदु और मोदी का आह्वान।
 

प्रधानमंत्री का चुनावी भाषण

शनिवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में एक चुनावी रैली में टीएमसी की राजनीति पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी की लूट और झूठ की राजनीति का अंत निकट है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि टीएमसी अन्य राज्यों में चुनाव जीतने में असफल रही है, क्योंकि उनके पास न तो कोई स्पष्ट इरादा है और न ही कोई ठोस नीति। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी लगातार उन्हें गालियाँ देती है और झूठे दावे करती है, लेकिन पिछले 15 वर्षों में बंगाल के लिए उनके योगदान को बताने में असफल रहती है।


टीएमसी के 15 वर्षों का लेखा-जोखा

उन्होंने 15 वर्षों में क्या किया?

पीएम मोदी ने टीएमसी से सवाल किया कि जब वे 15 वर्षों से सत्ता में हैं, तो उन्होंने क्या किया? उन्होंने कहा कि यदि टीएमसी ने इस अवधि में कुछ नहीं किया, तो क्या उन्हें और 5 वर्ष दिए जाने पर कुछ हासिल होगा? उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी ने केवल एक ही मॉडल विकसित किया है, जो कि एक सिंडिकेट है। पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि यह भय को समाप्त करने की लड़ाई है और बंगाल को विश्वास के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीएमसी का भय समाप्त होने वाला है और बंगाल में विश्वास का संचार होगा।


टीएमसी की चुनावी विफलता

टीएमसी ने अन्य राज्यों में चुनाव लड़ा

पीएम मोदी ने बताया कि टीएमसी ने बंगाल के बाहर त्रिपुरा, असम और गोवा में चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें कहीं से भी एक भी वोट नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों ने टीएमसी को मान्यता दी है, लेकिन उनकी बेईमानी और गुंडागर्दी वहां काम नहीं आई। पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी बंगाल के बाहर जीत नहीं सकती क्योंकि उनके पास कोई दूरदर्शिता, विचार, नीति या इरादा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच की प्रतिद्वंद्विता ऐतिहासिक है, और दोनों टीमें जीत के लिए पूरी मेहनत करती हैं।