पश्चिम बंगाल में अमित शाह के बयान पर टीएमसी का तीखा विरोध
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल गरमा गया है जब टीएमसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि उन्हें राज्य की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अज्ञानता है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब शाह ने महान कवि सत्येंद्रनाथ दत्ता का नाम गलत लिया। टीएमसी ने इसे बंगाल की महान हस्तियों के प्रति सम्मान की कमी के रूप में पेश किया और भाजपा की पिछली गलतियों का भी जिक्र किया। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
Apr 22, 2026, 20:56 IST
राजनीतिक विवाद का नया मोड़
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक स्थिति में उथल-पुथल मच गई है, जब अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें राज्य की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति "अत्यधिक अज्ञानता" है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब गृह मंत्री ने एक जनसभा में महान बंगाली कवि सत्येंद्रनाथ दत्ता का नाम गलत तरीके से लिया और उन्हें "सत्यनाथ दत्ता" कहकर संबोधित किया।
टीएमसी का बयान
टीएमसी ने इस घटना को बंगाल की संस्कृति और विरासत के प्रति अमित शाह की अनभिज्ञता का प्रमाण बताया। दत्ता, जिन्हें 'छंदेर जादूगर' के नाम से जाना जाता है, बंगाली साहित्य के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना को राज्य की महान हस्तियों के प्रति सम्मान की कमी के रूप में पेश किया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जिस भूमि पर वे शासन करना चाहते हैं, उसके बारे में उनकी जानकारी कितनी कम है।
भाजपा की पिछली गलतियों का जिक्र
टीएमसी ने इस घटना को लेकर भाजपा नेतृत्व की पूर्व की गलतियों की एक सूची भी प्रस्तुत की। उन्होंने यह तर्क दिया कि भाजपा वास्तव में "बाहरी लोग" हैं, जो बंगाली संस्कृति को नहीं समझते। पोस्ट में यह भी कहा गया कि गृह मंत्री ने सत्येंद्रनाथ दत्ता का नाम गलत लिया, और यह वही लोग हैं जो अन्य महान बंगाली हस्तियों का भी अपमान करते हैं।