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पंजाब में कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर आम आदमी पार्टी का हमला

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पार्टी की अनुशासनहीनता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में हर कोई मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में है, जिससे संगठन की मजबूती प्रभावित हो रही है। वहीं, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग ने मतभेदों की बातों को खारिज किया है। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बैठक में शामिल न होने का निर्णय लिया है। क्या ये घटनाक्रम आगामी चुनावों में AAP की जीत की संभावना को बढ़ाएंगे? जानें पूरी जानकारी।
 

कांग्रेस पर अनुशासन की कमी का आरोप

आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। उन्होंने पार्टी की पंजाब इकाई में अनुशासन की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस में कोई भी नेता मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में है। चीमा ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता संगठन को मजबूत करने के बजाय अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।


आगामी चुनावों में AAP की उम्मीदें

चीमा ने आगामी राज्य चुनावों में आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर विश्वास जताया और कहा कि 2027 में AAP पंजाब में बड़ी जीत हासिल करेगी। दूसरी ओर, पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग ने पार्टी में मतभेदों की बातों को खारिज करने की कोशिश की। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ नेता पूर्व निर्धारित कार्यों के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाए।


बैठक में शामिल न होने वाले नेताओं की स्थिति

बैठक के बाद वारिंग ने पत्रकारों से कहा कि कुछ जिला अध्यक्ष अमरनाथ यात्रा पर गए हैं और इस कारण बैठक में नहीं आ सके। उन्होंने कहा कि लोग मसालेदार खबरें चाहते हैं, लेकिन उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। सभी नेता एकजुटता के साथ मीडिया को संबोधित करेंगे और पंजाब कांग्रेस के सभी नेता एक मंच पर उपस्थित होंगे।


चरणजीत सिंह चन्नी का विरोध

यह टिप्पणी तब आई जब कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बैठक में शामिल न होने का निर्णय लिया और राज्य इकाई के लिए चुने गए नेताओं पर आपत्ति जताने के लिए अपने समर्थकों के साथ दिल्ली जाने की योजना बनाई।