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दिल्ली की मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर महिला विरोधी रुख का आरोप लगाया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित न होने के बाद विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का महिला विरोधी रुख उनके निर्वाचन क्षेत्रों की महिलाओं के लिए चिंता का विषय है। गुप्ता ने यह भी बताया कि देश की जनसंख्या में वृद्धि के बावजूद, विपक्ष महिलाओं को संसद में आने से रोकने की कोशिश कर रहा है। उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि वे महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर गंभीर चिंतित हैं।
 

मुख्यमंत्री का विपक्ष पर हमला

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित न होने के बाद विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि उनके ‘महिला विरोधी’ दृष्टिकोण पर उनके निर्वाचन क्षेत्रों की सभी महिलाएं सवाल उठाएंगी।


गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, "विपक्ष ने यह तय कर लिया था कि किसी भी हाल में महिलाओं को लोकसभा में नहीं आने देंगे।"


उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष केवल अपने परिवार की महिलाओं की चिंता करता है, जबकि देश की 70 करोड़ महिलाओं की परवाह नहीं करता।


मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "वे नहीं चाहते कि देश की आधी जनसंख्या संसद में पहुंचे। विपक्ष के महिला विरोधी रुख पर उनके निर्वाचन क्षेत्रों की हर महिला सवाल उठाएगी।"


गुप्ता ने यह भी बताया कि 1971 में देश की जनसंख्या लगभग 50 करोड़ थी, जो अब 140 करोड़ तक पहुंच गई है। इस हिसाब से सीटों की संख्या में वृद्धि होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष को समस्या इसलिए है क्योंकि वे अपनी मौजूदा सीटों का बंटवारा नहीं चाहते और न ही किसी महिला को आगे आने देना चाहते हैं।


उन्होंने कहा, "जब हम भारत की तुलना अन्य बड़े देशों से करते हैं, तो विपक्ष को यह देखना चाहिए कि वहां महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 50 प्रतिशत है, और कुछ देशों में तो इससे भी अधिक है।"