तमिलनाडु में शराब घोटाले का खुलासा: मुख्यमंत्री विजय का सख्त कदम
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शराब घोटाले की जांच के बाद कई महत्वपूर्ण सुधारों की घोषणा की है। उन्होंने अवैध वसूली को समाप्त करने और शराब की बिक्री में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। नए नियमों के तहत, शराब खरीदने की उम्र सीमा 21 वर्ष कर दी गई है और बायोमेट्रिक जांच अनिवार्य की गई है। इसके अलावा, धार्मिक स्थलों के पास की 717 दुकानों को बंद कर दिया गया है। जानें इस मामले में और क्या बदलाव आएंगे।
Jun 7, 2026, 15:40 IST
मुख्यमंत्री विजय का बड़ा निर्णय
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने कार्यभार संभालते ही एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बीजेपी द्वारा एक साल पहले लगाए गए बड़े शराब घोटाले के आरोपों की प्रारंभिक जांच में टीवीके सरकार ने कुछ चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शराब की बिक्री से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा 'पार्टी फंड' में जा रहा था, जिसकी राशि लगभग 3600 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
सख्त निर्देश और सुधार की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शराब की थोक और खुदरा बिक्री में लंबे समय से चल रहे अनधिकृत नकद संग्रह प्रणाली को तुरंत समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि शराब की बिक्री से प्राप्त हर एक रुपया पूरी पारदर्शिता के साथ राज्य सरकार के खजाने में जाना चाहिए। तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन, जो राज्य में शराब की बिक्री का एकमात्र अधिकार रखती है, के सुधार के लिए आईएएस पूजा कुलकर्णी को नया आबकारी आयुक्त नियुक्त किया गया है।
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री का आदेश
5 जून को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि जनता के धन की लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में यह सामने आया कि शराब की हर पेटी पर 90 रुपये, बीयर के हर कार्टन पर 40 रुपये और वाइन के हर कार्टन पर 20 रुपये अवैध रूप से वसूले जा रहे थे, जिससे सरकार को हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था।
गड़बड़ी की रोकथाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून को जारी सरकारी आदेश के बाद से इस अवैध वसूली को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर साल लगभग 88 लाख केस शराब के खरीदे जाते थे और इसका कमीशन राजनीतिक प्रभावशाली लोगों की जेब में जाता था। सीएम विजय ने इस पूरे सिंडिकेट को तोड़ने का काम किया है और चेतावनी दी है कि जो भी इस भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाएगा, उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। आबकारी मंत्री विग्नेश ने भी पुष्टि की है कि अब बोतलों पर अधिक कीमत वसूलने का खेल खत्म हो चुका है।
हर महीने की गड़बड़ी
तमिलनाडु में शराब की सप्लाई के लिए बोतलों के आकार के अनुसार पेटियां तैयार की जाती हैं। जैसे- 180 मिली की 48 बोतलें, 375 मिली की 24 बोतलें और 750 मिली की 12 बोतलों की एक पेटी बनती है। बीयर की भी 12 बोतलों का एक कार्टन होता है।
इन पेटियों के अनुसार वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट और रीटेल दुकानों से अवैध वसूली की जा रही थी। TASMAC के आउटलेट्स से हर महीने लगभग 88 लाख ग्राहक शराब खरीदते हैं, जिससे हर महीने कम से कम 102 करोड़ रुपये की हेराफेरी हो रही थी, जिसे अब पूरी तरह रोक दिया गया है।
धार्मिक स्थलों के पास की दुकानों का बंद होना
मुख्यमंत्री विजय के आदेश के बाद, राज्य में नियमों के खिलाफ चल रही 717 शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया है। इनमें मंदिरों और चर्च के पास की 276 दुकानें, स्कूलों और कॉलेजों के पास की 186 दुकानें और बस स्टैंड व ट्रांसपोर्ट हब के पास की 255 दुकानें शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा 290 दुकानें मदुरै में बंद की गई हैं।
सरकार ने स्वीकार किया है कि इन दुकानों के बंद होने से राज्य को हर साल लगभग 8,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा। लेकिन मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया है कि इस नुकसान की भरपाई के लिए न तो कोई नई दुकान खोली जाएगी और न ही शराब के दाम बढ़ाए जाएंगे। TASMAC से रोजाना लगभग 150 करोड़ रुपये की बिक्री होती है और बंद की गई दुकानें कुल आउटलेट्स का लगभग 15 प्रतिशत हैं।
नशे से बचाव के लिए नए नियम
दुकानें बंद करने के अलावा, टीवीके सरकार ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए शराब खरीदने की उम्र सीमा को सख्ती से 21 साल कर दिया है। अब काउंटर पर बायोमेट्रिक और आईडी प्रूफ की जांच अनिवार्य होगी। यदि कोई कर्मचारी कम उम्र के लोगों को शराब बेचते या तय कीमत से अधिक पैसे लेते पकड़ा गया, तो उसे तुरंत नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इन बड़े सुधारों पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। आबकारी मंत्री विग्नेश ने यह भी स्पष्ट किया है कि शराब बिक्री के निजीकरण का सरकार का कोई इरादा नहीं है। वर्तमान में राज्य में TASMAC की लगभग 4,048 रजिस्टर्ड दुकानें बची हैं।