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तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल: DMK और AIADMK का संभावित गठबंधन

तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है, जहां 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) ने चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनने का दावा किया है। हालांकि, बहुमत से दूर रहने के कारण DMK और AIADMK के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। राज्यपाल से मुलाकात के बाद, विजय को विधायकों का समर्थन जुटाने के लिए कहा गया है। इस बीच, AIADMK के नेता एकजुट रहने का आग्रह कर रहे हैं। क्या यह गठबंधन TVK को सत्ता से बाहर रख पाएगा? जानें पूरी कहानी।
 

तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़

तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की थी। चुनाव परिणामों में 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) ने सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर दिखाया, लेकिन बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों से दूर रहने के कारण राज्य में एक अनोखे राजनीतिक गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। खबरों के अनुसार, DMK और AIADMK, जो दशकों से प्रतिद्वंद्वी रहे हैं, एक साथ आकर सरकार बनाने की योजना बना सकते हैं ताकि TVK को सत्ता से बाहर रखा जा सके। राज्यपाल ने हाल ही में विजय से मुलाकात के दौरान इसी बात की पुष्टि की।


राज्यपाल से मुलाकात और सरकार बनाने का दावा

गुरुवार को विजय ने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से दूसरी बार मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि, राज्यपाल ने उन्हें बताया कि TVK के पास विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए आवश्यक विधायकों का समर्थन नहीं है। उन्होंने विजय से कहा कि उन्हें पर्याप्त संख्या में विधायकों का समर्थन जुटाकर लौटना होगा।


DMK और AIADMK के बीच संभावित गठबंधन

इसके तुरंत बाद, DMK ने अपने विधायक दल की बैठक बुलाई। इस बीच, AIADMK के लगभग 40 विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं। DMK की बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने कहा कि जनता ने उन्हें विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है, लेकिन अगर स्थिति की मांग हुई, तो पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन किसी भी राजनीतिक निर्णय के लिए अधिकृत होंगे।


AIADMK विधायकों को एकजुट रहने का निर्देश

AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने पार्टी विधायकों से एकजुट रहने का आग्रह किया और संकेत दिया कि "अच्छी खबर" आने वाली है। राज्यपाल कार्यालय की ओर से हो रही देरी और दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों के बयानों ने TVK को राजनीतिक साजिश का संदेह पैदा कर दिया है।


TVK की प्रतिक्रिया और राजनीतिक विश्लेषण

TVK के सूत्रों के अनुसार, यदि DMK और AIADMK अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाते हैं, तो TVK के विधायक सामूहिक इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इसे एक दबाव बनाने की रणनीति मानते हैं, जिसका लक्ष्य राज्यपाल और प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ पार्टियां हैं। तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति में हर पल बदलाव आ रहा है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विजय का मुख्यमंत्री के रूप में राज्याभिषेक होगा, और यदि हां, तो कब।