तमिलनाडु में राजनीतिक संकट: टीटीवी दिनाकरन ने विजय के समर्थन पत्र को बताया फर्जी
राजनीतिक विवाद की शुरुआत
तमिलनाडु में पहली बार गठबंधन सरकार बनाने के प्रयास में टीटीवी दिनाकरन ने विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) द्वारा प्रस्तुत समर्थन पत्र को जाली करार दिया है। एएमएमके के महासचिव ने टीवीके को अहंकारी और घृणास्पद बताया। टीवीके, जो बहुमत के लिए संघर्ष कर रही है, ने पहले एएमएमके से उसके एकमात्र निर्वाचित विधायक कामराज एस का समर्थन मांगा था।
समर्थन पत्र पर विवाद
दिनाकरन ने आरोप लगाया कि कामराज ने समर्थन देने पर सहमति जताई थी और एक वीडियो में उसे एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करते हुए दिखाया गया। हालांकि, दिनाकरन ने इस वीडियो को फर्जी और एआई-जनरेटेड बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाया कि यह वीडियो किसने रिकॉर्ड किया और इसे कहां फिल्माया गया।
राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण
वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें समाचार रिपोर्टों से यह जानकर आश्चर्य हुआ कि एएमएमके विधायक ने विजय को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर टीवीके को समर्थन प्राप्त था, तो कामराज को राज्यपाल के पास क्यों नहीं ले जाया गया। दिनाकरन ने टीवीके पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें विधायक का असली पत्र दिखाना चाहिए।
भविष्य की संभावनाएं
एक दिन पहले, एनडीटीवी से बातचीत में दिनाकरन ने संकेत दिया था कि विधायकों की खरीद-फरोख्त का प्रयास भी हो सकता है। एएमएमके और आईयूएमएल द्वारा विजय को समर्थन न देने के कारण टीवीके तमिलनाडु में गठबंधन सरकार बनाने में असमर्थ है। अब सभी की नजरें थोल थिरुवलवन के नेतृत्व वाली वीसीके पर हैं, जिसके पास दो विधायक हैं और जो विजय को बहुमत दिलाने में मदद कर सकते हैं।