×

डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति की ओर बढ़ते कदम

डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति की ओर बढ़ते कदम उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस को विधानसभा की 28 या 29 सीटें मिलने की संभावना है, जो कि 2021 में लड़ी गई सीटों से अधिक हैं। राहुल गांधी ने इस समझौते के लिए अपनी सहमति दे दी है, और चिदंबरम को बातचीत का जिम्मा सौंपा गया है। जानें इस राजनीतिक गठबंधन की पूरी कहानी और क्या है आगे की रणनीति।
 

सीट बंटवारे का समझौता

कई दिनों की चर्चा और खींचतान के बाद, सत्ताधारी द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अब सीट बंटवारे के समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तैयार हैं। दोनों दलों के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस को विधानसभा की 28 या 29 सीटें मिलने की संभावना है, जो कि 2021 में लड़ी गई 25 सीटों से अधिक हैं। इसके साथ ही, एक राज्यसभा सीट भी कांग्रेस को मिलेगी। यह प्रगति कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम द्वारा डीएमके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ की गई बातचीत के एक दिन बाद हुई है.


राहुल गांधी की सहमति

पार्टी के सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इस समझौते के लिए अपनी सहमति दे दी है। इस सहमति के आधार पर, खरगे ने चिदंबरम को डीएमके नेतृत्व के साथ अंतिम दौर की बातचीत करने और गठबंधन समझौते को अंतिम रूप देने का कार्य सौंपा है। इस कदम से पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की पार्टी के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रही है.


सीटों की संख्या में वृद्धि

सूत्रों के अनुसार, डीएमके ने कांग्रेस को 27 विधानसभा सीटें देने की पेशकश की है। हालांकि, यह संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस की मांगों को पूरा करने के लिए अंतिम समझौते में सीटों की संख्या बढ़ाकर 28 की जा सकती है। विधानसभा सीटों के अलावा, दोनों दलों के बीच व्यापक राजनीतिक समझौते के तहत कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट भी मिलने की संभावना है.


गठबंधन में संतुलन

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा सीट इस गठबंधन में संतुलन बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व होगी। डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर कई हफ्तों से बातचीत चल रही थी, जिसमें कांग्रेस ने शुरू में अधिक सीटों की मांग की थी.