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गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कोविड-19 के दौरान भ्रम फैलाने का आरोप

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें 'अबोध बालक' कहा और कोविड-19 महामारी के दौरान भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने ईंधन की कीमतों और कृषि क्षेत्र पर भी चिंता जताई। सिंह का यह बयान गांधी द्वारा मोदी के भाषण की आलोचना के बाद आया है, जिसमें उन्होंने मोदी पर अमेरिका का नाम न लेने का आरोप लगाया। जानें इस राजनीतिक विवाद की पूरी कहानी।
 

गिरिराज सिंह का बयान

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 24 मार्च को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा हमला करते हुए उन्हें 'अबोध बालक' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों में भ्रम फैलाने का काम किया। पत्रकारों से बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी एक नासमझ बच्चे की तरह हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड के समय में उनकी गतिविधियाँ देश में अस्थिरता लाने से जुड़ी थीं। वर्तमान में, भारत की जनता और नेतृत्व को नरेंद्र मोदी पर पूरा विश्वास है।


ईंधन की कीमतों पर सवाल

गिरिराज सिंह ने यह भी कहा कि भारत ने कोविड-19 के खिलाफ सफलतापूर्वक लड़ाई लड़ी है और देश में ईंधन की कीमतें स्थिर हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ईंधन की कीमतों में वृद्धि का जिक्र करते हुए राहुल गांधी से सवाल किया कि उनकी आवाज़ इस मुद्दे पर क्यों नहीं उठ रही। उन्होंने यह भी बताया कि जबकि भारत में कीमतें नहीं बढ़ी हैं, अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसे देशों में बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि भारत की जनता में अपार आत्मविश्वास है और देश का नेतृत्व किसी भी आपदा को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है।


राहुल गांधी की आलोचना

गिरिराज सिंह की यह टिप्पणी राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा भाषण की आलोचना के बाद आई है। गांधी ने आरोप लगाया था कि मोदी ने अमेरिका का नाम नहीं लिया और कहा कि वह पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नियंत्रण में हैं। वडोदरा में आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन में बोलते हुए, गांधी ने कहा कि मोदी ने 25 मिनट का भाषण दिया लेकिन अमेरिका के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा।


कृषि क्षेत्र पर चिंता

गांधी ने यह भी कहा कि मोदी ने व्यापार समझौते के माध्यम से भारत के कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी उत्पाद भारत में आने लगे, तो हमारे छोटे किसान प्रभावित होंगे। यह टिप्पणी मोदी के लोकसभा में अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष पर दिए गए भाषण के संदर्भ में आई।