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कॉकरोच जनता पार्टी ने नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की, आंदोलन को मजबूत करने की योजना

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने हाल ही में तीन प्रवक्ताओं की नियुक्ति की है, जो आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सौरभ दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका इस नई टीम का हिस्सा हैं। सीजेपी का उद्देश्य भारत के राजनीतिक विमर्श को बदलना है, और यह शिक्षा क्षेत्र में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के गुस्से को एकजुट करने का प्रयास कर रही है। 6 जून को होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले यह कदम उठाया गया है। जानें इस आंदोलन की पूरी कहानी और इसके पीछे की रणनीति।
 

सीजेपी ने तीन नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने बुधवार को तीन प्रवक्ताओं की नियुक्ति की घोषणा की, जो "विरोध आंदोलन की ओर से जनता और मीडिया के समक्ष अपनी बात रखेंगे।" मुख्य न्यायिक परिषद ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि खोजी पत्रकार सौरभ दास मुख्य प्रवक्ता की भूमिका निभाएंगे। राजनीतिक शोधकर्ता, लेखिका और फिल्म निर्माता विजेता दहिया और आशुतोष रांका भी दास के साथ प्रवक्ता की भूमिका निभाएंगे।


सीजेपी का उद्देश्य और प्रवक्ताओं की भूमिका

बयान में आगे कहा गया कि सीजेपी भारत के राजनीतिक विमर्श को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसका नेतृत्व नई पीढ़ी के नेता करेंगे। समूह ने कहा कि सौरभ दास उन लोगों में से एक थे जिन्होंने नवंबर 2025 में दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदूषण विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था। ये तीनों इस आंदोलन में पूरक विशेषज्ञता लाते हैं। दास जवाबदेही-आधारित संदेशों का नेतृत्व करेंगे, दहिया नागरिक समाज के साथ जुड़ाव का नेतृत्व करेंगी, और रांका शिक्षित युवाओं और तकनीकी पेशेवरों के बीच समूह की अपील को मजबूत करने का प्रयास करेंगी। 


सीजेपी का उदय और आगामी विरोध प्रदर्शन

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं पर की गई टिप्पणी के बाद इस महीने सीजेपी प्लेटफॉर्म की शुरुआत हुई और यह देश के सबसे तेजी से बढ़ते सोशल मीडिया आंदोलनों में से एक बनकर उभरा है। सीजेपी ने मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता बढ़ाई है और भारत के शिक्षा क्षेत्र में परीक्षा अनियमितताओं और जवाबदेही में विफलताओं को लेकर छात्रों के गुस्से को एकजुट किया है। प्रवक्ताओं की नियुक्ति से संकेत मिलता है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कथित NEET परीक्षा पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में 6 जून को होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले सरकार एक अधिक सुनियोजित और जन-केंद्रित अभियान की ओर बढ़ रही है।


आंदोलन की योजना और सरकार की कार्रवाई

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि वे 6 जून को भारत पहुंचने पर संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में आवश्यक पुलिस अनुमति के लिए आवेदन करेंगे ताकि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर सकें। इस आंदोलन का दावा है कि कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण कुल मिलाकर 95 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाली एक ऑनलाइन याचिका पर कथित तौर पर 8 लाख से अधिक हस्ताक्षर हो चुके हैं। सरकार ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष राहुल सिंह और बोर्ड के सचिव हिमांशु गुप्ता को हटा दिया और बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक सदस्यीय जांच समिति का गठन किया।