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केरल विधानसभा चुनाव के आंकड़ों में देरी पर उठे सवाल

केरल विधानसभा चुनाव के परिणामों में देरी ने विवाद को जन्म दिया है। कांग्रेस के नेता वी.डी. सतीशन ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि मतदान के आंकड़े जल्द से जल्द सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने के लिए यह आवश्यक बताया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और चुनावी आंकड़ों का महत्व क्या है।
 

केरल विधानसभा चुनाव के परिणामों में देरी

तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव के संपन्न होने के तीन दिन बाद भी मतदान के विस्तृत आंकड़े जारी नहीं होने के कारण विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर तत्काल आधिकारिक और प्रमाणित आंकड़े प्रकाशित करने की मांग की है।


सतीशन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया कि मतदान समाप्त होने के तीन दिन बाद भी आयोग की वेबसाइट पर आधिकारिक और प्रमाणित आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने 12 अप्रैल को लिखे पत्र में कहा कि क्षेत्रवार मतदान डेटा, मतदान प्रतिशत और डाक मतपत्रों के आंकड़े अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। सतीशन ने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने, जनता की निगरानी सुनिश्चित करने और चुनावी प्रक्रिया में विश्वास को बनाए रखने के लिए इस जानकारी का शीघ्र प्रकाशन आवश्यक है।


उन्होंने आयोग से अनुरोध किया कि मतदान प्रतिशत और डाक मतदान डेटा को बिना किसी देरी के अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सत्यापित जानकारी का समय पर उपलब्ध होना जनता, शोधकर्ताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों सहित सभी हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, केरल में 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में 78.03 प्रतिशत मतदान हुआ था। 140 विधानसभा क्षेत्रों में 883 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।