केजरीवाल का मोदी पर हमला: राम मंदिर में अनियमितताओं का उठाया सवाल
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि उन लोगों को क्यों बचाया जा रहा है जो चोरी और ज़मीन के घोटालों में शामिल हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मोदी ने BJP नेता नितिन नवीन की सादगी की प्रशंसा की। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर मोदी से पूछा कि सख्त सज़ा कब दी जाएगी। जानें इस राजनीतिक बहस के पीछे की पूरी कहानी।
Jul 6, 2026, 18:47 IST
केजरीवाल ने मोदी पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने यह सवाल उठाया कि "चोरी और ज़मीन के घोटालों" में शामिल व्यक्तियों को क्यों बचाया जा रहा है। यह टिप्पणी प्रधानमंत्री के एक सोशल मीडिया पोस्ट के संदर्भ में आई, जिसमें उन्होंने BJP नेता नितिन नवीन की सादगी की सराहना की थी। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नितिन जी के बारे में जानकारी देने के लिए धन्यवाद। प्रधानमंत्री जी, पूरा देश जानना चाहता है कि श्री राम मंदिर में चोरी, ज़मीन घोटाले और निर्माण कार्य में कमीशन खाने वालों को क्यों बचाया जा रहा है? उन्हें कब सख्त सज़ा मिलेगी?"
राजनीतिक बहस का आगाज़
यह राजनीतिक चर्चा तब शुरू हुई जब प्रधानमंत्री मोदी ने BJP नेता नितिन नवीन की सादगी और ईमानदारी की प्रशंसा की। एक सहयोगी द्वारा नितिन के सादगीपूर्ण छात्र जीवन के किस्से साझा करने के बाद प्रधानमंत्री ने उनकी तारीफ की। मोदी ने कहा कि ऐसे मूल्य "हर भाजपा कार्यकर्ता के लिए गर्व का विषय" हैं। यह सादगी और स्पष्टता हर भाजपा कार्यकर्ता के लिए गर्व का विषय है। यह घटना रविवार को हुई, जब केजरीवाल ने नितिन नवीन पर कटाक्ष किया, जिन्होंने विपक्षी नेताओं पर हिंदू देवी-देवताओं के "अपमान" पर चुप रहने का आरोप लगाया था।
केजरीवाल का सवाल
नितिन नवीन पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, "आप कौन हैं?" यह प्रतिक्रिया लखनऊ में भाजपा के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में नितिन नवीन के भाषण के जवाब में थी, जहां उन्होंने कहा था कि आज मैं राहुल गांधी, अखिलेश यादव और केजरीवाल से कहना चाहता हूं कि हिंदू धर्म को इतना कमजोर न समझें कि लोग आपकी बयानबाजी में आ जाएं।