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केजरीवाल और नितिन नवीन के बीच राजनीतिक विवाद गहराया

आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बीच एक नया राजनीतिक विवाद उभरा है। केजरीवाल ने नवीन पर तीखा हमला किया, जबकि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके बयान को हताशा का प्रतीक बताया। डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा ने भी इस विवाद में दिलचस्प प्रतिक्रिया दी। नवीन ने राम मंदिर से जुड़ी आस्था की रक्षा करने का वादा किया है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और नेताओं की प्रतिक्रियाएं।
 

राजनीतिक घमासान की शुरुआत

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केजरीवाल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा ने अनोखे तरीके से जवाब दिया है। अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी के विवाद के बीच, नितिन नवीन ने विपक्षी नेताओं पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान पर चुप रहने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने रविवार को नवीन पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कौन हैं?


रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया

आप प्रमुख केजरीवाल के सवाल पर रेखा गुप्ता ने उन्हें हताशा का प्रतीक बताया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में नितिन नवीन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि केजरीवाल अपने अहंकार में चूर हैं, जबकि हर कोई जानता है कि वह निराश हैं।


डिप्टी सीएम का दिलचस्प जवाब

बीजेपी नेता और दिल्ली के डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल के सवाल का संक्षिप्त लेकिन दिलचस्प उत्तर दिया। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय अध्यक्ष होना एक बड़ी बात है, लेकिन क्या आप मुझे याद भी करते हैं?"


नितिन नवीन का बयान

रविवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम में बोलते हुए नितिन नवीन ने कहा कि बीजेपी राम मंदिर से जुड़ी आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगी, चाहे इसके लिए उन्हें अपना खून ही क्यों न बहाना पड़े। उन्होंने कहा कि वे किसी भी बलिदान के लिए तैयार हैं। नवीन ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के विवाद का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।


नवीन का स्पष्ट संदेश

नवीन ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि हिंदू धर्म को कमजोर न समझें और यह न सोचें कि वे उनकी चालों में फंस जाएंगे। बीजेपी प्रमुख की यह टिप्पणी अयोध्या मंदिर चंदे में चोरी के विवाद की जांच और मंदिर के फंड प्रबंधन पर उठ रहे सवालों के बीच आई है।