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कांग्रेस सांसद ने सर्वदलीय बैठक की औपचारिकता पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने पश्चिम एशिया विवाद पर सरकार की सर्वदलीय बैठक की औपचारिकता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह बैठक केवल दिखावे के लिए है, तो इसे आयोजित नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, सीपीआई महासचिव डी राजा ने भी प्रधानमंत्री से सभी राजनीतिक दलों की राय जानने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उनका मानना है कि भारत को अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध की निंदा करनी चाहिए और इसे रोकने की मांग करनी चाहिए।
 

सर्वदलीय बैठक की आवश्यकता पर सवाल

कांग्रेस के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने बुधवार को कहा कि यदि पश्चिम एशिया के मुद्दे पर सरकार की सर्वदलीय बैठक केवल औपचारिकता है, तो इसे आयोजित करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर यह बैठक केवल दिखावे के लिए बुलाई गई है, तो इसे आयोजित नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन यदि सरकार इस बैठक को लेकर गंभीर है, तो प्रधानमंत्री को इसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहिए। उनका कहना था कि यदि प्रधानमंत्री इसमें भाग नहीं लेते, तो इस बैठक का कोई अर्थ नहीं रह जाता। उन्होंने यह भी कहा कि इस देश में महत्वपूर्ण निर्णय 'दो दोस्तों' - अमित शाह और मोदी - द्वारा लिए जाते हैं।


प्रधानमंत्री के बयान पर चिंता

राजा वारिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया राज्यसभा भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी ने कहा था कि देश किसी भी संकट का सामना करने के लिए तैयार है। इससे यह आभास होता है कि देश पर गंभीर संकट का खतरा है। उन्होंने आशंका जताई कि कोविड-19 जैसी स्थिति फिर से उत्पन्न हो सकती है। कुछ दिन पहले, जब एलपीजी सिलेंडर की कमी की बात उठी, तो मंत्री ने कहा था कि कोई कमी नहीं है। लेकिन अब यह समस्या वास्तविकता बन चुकी है, और प्रधानमंत्री स्वयं इस पर चर्चा कर रहे हैं।


सीपीआई महासचिव की मांग

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के महासचिव डी राजा ने प्रधानमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की है, ताकि सभी राजनीतिक दलों की राय ली जा सके। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की परंपरा का उल्लेख किया, जिन्होंने हर राष्ट्रीय संकट के समय सर्वदलीय बैठकें आयोजित की थीं। राजा ने कहा कि भारत को अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध की निंदा करनी चाहिए और इसे तुरंत रोकने की मांग करनी चाहिए। उनका मानना है कि यदि कोई समस्या है, तो उसे राष्ट्रीय स्तर पर संवाद और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।


प्रधानमंत्री से गंभीर संवाद की अपेक्षा

डी राजा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी वास्तव में गंभीर हैं, तो उन्हें सभी राजनीतिक दलों के विचार जानने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वाजपेयी संकट के समय सर्वदलीय बैठकें बुलाते थे, जैसे इराक के संकट के दौरान। राजा ने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या वे देश के भीतर के राजनीतिक दलों के साथ गंभीर संवाद करने के लिए तैयार हैं।