कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार पर आरोप
महिला आरक्षण और परिसीमन पर कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण को लागू करने के बहाने परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। लोकसभा में अपने बयान में उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण का समर्थन करती आई है, लेकिन उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि परिसीमन प्रक्रिया को आरक्षण से अलग रखा जाए। गोगोई ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने तीन साल पहले वही बातें कहीं थीं जो आज केंद्रीय कानून मंत्री कह रहे हैं, यह दर्शाते हुए कि महिला आरक्षण ऐतिहासिक है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए।
सरकार की आलोचना
गोगोई ने आगे कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और इसे वर्तमान लोकसभा की संख्या के आधार पर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने में बाधा उत्पन्न की जा रही है। उनका कहना था कि यदि सरकार ने 2023 में उनकी बात सुनी होती, तो महिला आरक्षण 2024 में लागू हो चुका होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि सरकार की असली मंशा है।
गृह मंत्री के आश्वासन पर सवाल
गोगोई ने यह भी कहा कि गृह मंत्री ने 2023 में आश्वासन दिया था कि जनगणना, परिसीमन और महिला आरक्षण लागू होगा। अब सरकार जनगणना और परिसीमन की बात कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर महिला आरक्षण को लागू करने में देरी कर रही है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए और इसे 543 सीटों पर 2029 में लागू किया जाना चाहिए।
राजनीतिक मंशा का आरोप
गोगोई ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण के पक्ष में होती, तो इसे तुरंत लागू किया जाता। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने कैसे तय किया कि लोकसभा सदस्यों की संख्या 815 करनी है। गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है, जबकि हमारे राष्ट्र निर्माताओं ने इसे ऐसा करने के लिए नहीं बनाया था।