कांग्रेस ने मोदी की इजराइल यात्रा पर उठाए सवाल, नैतिकता की दी चुनौती
कांग्रेस का मोदी पर आरोप
कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इजराइल यात्रा से पहले बुधवार को गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि जब पूरी दुनिया इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना कर रही है, तब मोदी वहां 'नैतिक कायरता' का प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दो दिवसीय इजराइल यात्रा पर रवाना हुए हैं, जहां वह नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे और इजराइल की संसद नेसेट को संबोधित करेंगे।
जयराम रमेश का बयान
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, '20 मई 1960 को जवाहरलाल नेहरू गाजा में थे और उन्होंने वहां संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन बल की भारतीय टुकड़ी से मुलाकात की थी। 29 नवंबर 1981 को भारत ने फलस्तीन के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। 18 नवंबर 1988 को भारत ने औपचारिक रूप से फलस्तीन राष्ट्र को मान्यता दी।'
उन्होंने आगे कहा, 'यह एक अलग युग था। अब भारतीय प्रधानमंत्री बेशर्मी से इजराइल के प्रधानमंत्री को गले लगा रहे हैं, जिन्होंने गाजा को मलबे में बदल दिया है और जो कब्जे वाले वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों के विस्तार की योजना बना रहे हैं।'
प्रियंका गांधी का संदेश
रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि जब पूरी दुनिया मोदी के करीबी मित्र नेतन्याहू की आलोचना कर रही है, तब मोदी 'नैतिक कायरता' का प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी एक्स पर लिखा, 'मुझे उम्मीद है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी अपनी इजराइल यात्रा के दौरान नेसेट को संबोधित करते हुए गाजा में निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार का उल्लेख करेंगे और उनके लिए न्याय की मांग करेंगे।'
उन्होंने कहा कि भारत को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपने पूरे इतिहास में जो सही है, उसके लिए खड़ा रहना चाहिए। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, 'हमें दुनिया को सत्य, शांति और न्याय की रोशनी दिखाना जारी रखना चाहिए।'