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कांग्रेस ने पवन खेड़ा के समर्थन में खड़ी होकर न्याय की उम्मीद जताई

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने उनके समर्थन में खड़ा होने की घोषणा की। पार्टी ने न्याय की उम्मीद जताई है और कहा है कि उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी। इस मामले में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी द्वारा खेड़ा के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराए गए हैं। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में अपील करने की प्रक्रिया भी शुरू की है।
 

कांग्रेस का समर्थन

गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज किए जाने के बाद, कांग्रेस ने शनिवार को अपने मीडिया विभाग के प्रमुख के प्रति समर्थन व्यक्त किया। पार्टी ने यह भी आशा जताई कि उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।


कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "पूरी कांग्रेस अपने मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है।"


उन्होंने आगे बताया कि गुवाहाटी उच्च न्यायालय के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।


रमेश ने कहा, "हमें विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।"


गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। यह याचिका हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियों के आरोपों से संबंधित थी।


मामले की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री शर्मा की पत्नी, रिंकी भुइयां शर्मा ने खेड़ा और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत गुवाहाटी अपराध शाखा पुलिस थाने में आपराधिक मामले दर्ज कराए थे।


इससे पहले, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने खेड़ा को सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन असम पुलिस ने इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील की थी।


शीर्ष अदालत ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी और खेड़ा को गुवाहाटी उच्च न्यायालय जाने का निर्देश दिया।