कांग्रेस का मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोपों का हमला
कांग्रेस का तीखा आरोप
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कड़ा हमला किया है। विपक्षी दल का कहना है कि मोदी का प्रसिद्ध नारा 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' पूरी तरह से खोखला साबित हुआ है, और असलियत में उनके लिए हमेशा 'खाऊंगा, खाने दूंगा और खिलाऊंगा' की स्थिति बनी रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे का असली चेहरा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मई 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ यह नारा दिया था। लेकिन इसके बाद की घटनाओं ने इस दावे की सच्चाई को उजागर कर दिया है। रमेश ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने नोटबंदी को 'संगठित लूट और कानूनी रूप से वैध ठहराई गई लूट' बताया था।
केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप
रमेश ने केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) का ओएनजीसी में विलय कर 20,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को दबाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, उन्होंने चुनावी बॉंड योजना को 'चंदा दो, धंधा लो' घोटाला बताते हुए आरोप लगाया कि इससे देश में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। अदाणी समूह, राफेल सौदे, पीएम केयर्स फंड और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्टों का हवाला देकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ उठते सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि हाल के हफ्तों में कई घटनाएं सामने आई हैं जो सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी दावों पर सवाल उठाती हैं। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे के दुरुपयोग का मामला उजागर किया। इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ उच्चतम न्यायालय द्वारा सीबीआई जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद वे अपने पद पर बने हुए हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पर अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोपों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप
रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को वित्तीय प्रलोभन देकर तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में एक राज्य मंत्री अपने मंत्रालय की योजना के तहत सब्सिडी लेने के बावजूद पद पर बने हुए हैं। इसके साथ ही, पर्यावरण मंत्रालय में चार करीबी सहयोगियों को अचानक हटाए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। रमेश ने आरोप लगाया कि ई-20 पेट्रोल से जुड़े फैसलों से एक केंद्रीय मंत्री के परिवार को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री पर निशाना
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से भ्रष्ट और समझौतापरक बन चुकी है, जिससे करोड़ों युवाओं के भविष्य को गहरा आघात पहुंचा है। इन सभी मुद्दों को उठाते हुए जयराम रमेश ने सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और सरकार से जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को 'न्यूनतम शासन, अधिकतम पर्दा डालने' की व्यवस्था दी है।