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कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने चावल घोटाले और उज्जैन में जमीन घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने राज्य को भ्रष्टाचार का प्रतीक बना दिया है। खरगे ने सरकारी तंत्र की मिलीभगत और प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। इस मामले में भाजपा या मध्यप्रदेश सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
 

भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस का हमला

नई दिल्ली में, कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार के दौरान राज्य भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया है। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सत्ता के अहंकार में आकर सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की भावना को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।


चावल घोटाले का खुलासा

खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि मध्यप्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर 1,200 करोड़ रुपये का एक बड़ा चावल घोटाला सामने आया है। उन्होंने बताया कि जिस चावल का उपयोग कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण के लिए किया जाना था, उसे मुनाफे के खेल में मोड़ दिया गया।


सरकारी तंत्र की मिलीभगत

कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकारी तंत्र और चावल मिलर्स के बीच मिलीभगत पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगभग पांच लाख मीट्रिक टन चावल, एथेनॉल माफिया और भाजपा सरकार के संरक्षण में इस बड़े भ्रष्टाचार का शिकार हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मिलीभगत के चलते जनता के हक के अनाज की चोरी की जा रही है।


उज्जैन में जमीन घोटाले का जिक्र

इसके अलावा, खरगे ने उज्जैन में हुए कथित जमीन घोटाले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन के उन क्षेत्रों में जमीनों का विस्तार किया गया जहां सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और राजमार्ग प्रस्तावित थे। इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी सवाल उठाए गए हैं।


भ्रष्टाचार का निरंतर सिलसिला

खरगे ने कहा कि व्यापमं से शुरू हुआ लूट और अनगिनत पेपर लीक का यह सिलसिला भ्रष्टाचार के कई मामलों के सामने आने के बावजूद आज तक नहीं रुका है। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने मध्यप्रदेश को भ्रष्टाचार का एक मॉडल बना दिया है, लेकिन इस पर प्रधानमंत्री मोदी हमेशा की तरह चुप हैं। इस आरोप पर फिलहाल मध्यप्रदेश सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।