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कर्नाटक में कचरा प्रबंधन घोटाले के आरोपों पर भाजपा का हमला

भाजपा ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर 39,000 करोड़ रुपये के कचरा प्रबंधन ठेके में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि सरकार ने एक निजी कंपनी को दीर्घकालिक निविदा देने के बदले रिश्वत ली। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस मामले को कांग्रेस के भ्रष्टाचार की नई कड़ी बताया। कचरा निपटान शुल्क में भारी वृद्धि और ठेके की प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए हैं। कर्नाटक सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
 

भाजपा का कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर आरोप

भाजपा ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर 39,000 करोड़ रुपये के कचरा प्रबंधन ठेके में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि यह घोटाला निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं और परियोजना की लागत में अत्यधिक वृद्धि के कारण हुआ।


यह बयान कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक द्वारा कांग्रेस सरकार पर लगाए गए आरोपों के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार ने बेंगलुरु के कचरा प्रबंधन में घोटाला किया है और एक निजी कंपनी को दीर्घकालिक निविदा देने के बदले 10,000 करोड़ रुपये की रिश्वत ली।


राज्यपाल से शिकायत और ठेके की जानकारी

अशोक ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से निविदा प्रक्रिया की जांच के लिए शिकायत की है। उनका कहना है कि ठेका एक ही कंपनी को 35 साल के लिए अत्यधिक दरों पर दिया गया, जिससे राज्य के खजाने पर भारी बोझ पड़ा।


भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह घोटाला कांग्रेस सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मामलों की एक नई कड़ी है। उन्होंने कहा, "कर्नाटक अब 39,000 करोड़ रुपये के कचरा घोटाले का सामना कर रहा है।"


कचरा निपटान शुल्क में वृद्धि

पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि कचरा निपटान शुल्क 260 रुपये प्रति टन से बढ़कर 2,400 रुपये प्रति टन हो गया है, जो लगभग 950 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।


उन्होंने कहा कि जहां पुरानी प्रणाली में 30 साल में लगभग 6,117 करोड़ रुपये का खर्च आता था, वहीं नए ठेके में 39,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि निविदा प्रक्रिया पहले से तय थी और कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए अनौपचारिक सहमति बनी हुई थी।


भाजपा के अन्य आरोप

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी इसी तरह के आरोप लगाते हुए कहा, "कांग्रेस का मतलब लूट है।" उन्होंने कहा कि बेंगलुरु कचरे में डूब रहा है और कांग्रेस इससे कमीशन ले रही है, जबकि मुख्यमंत्री पार्टी के भीतर हो रही बगावत को दबाने में व्यस्त हैं।


कर्नाटक सरकार ने अभी तक इन गंभीर आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।