ओवैसी ने महिला आरक्षण विधेयकों पर केंद्र सरकार की आलोचना की
असदुद्दीन ओवैसी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये विधेयक भारत की संघीय संरचना को कमजोर कर सकते हैं। लोकसभा में बोलते हुए ओवैसी ने इन विधेयकों का कड़ा विरोध किया और साहिर लुधियानवी की एक पंक्ति का उल्लेख किया। संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा की गई, जिसमें महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान है। विपक्षी दलों ने इन विधेयकों को असंवैधानिक करार दिया है।
Apr 16, 2026, 12:50 IST
महिला आरक्षण विधेयकों पर ओवैसी की आपत्ति
असदुद्दीन ओवैसी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये संशोधन भारत की संघीय संरचना को कमजोर कर सकते हैं। लोकसभा के विशेष सत्र में बोलते हुए एआईएमआईएम के प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ये विधेयक देश के संघीय ढांचे को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं। ओवैसी ने साहिर लुधियानवी की एक पंक्ति का उल्लेख करते हुए कहा, "एक शहंशाह ने बनवा कर हसीन ताजमहल, हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक।"
संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 2023 में पारित कानूनों के कार्यान्वयन के लिए शुरू हुआ, जिसमें महिलाओं के लिए 33% आरक्षण प्रदान करने वाले तीन संशोधन विधेयकों पर चर्चा की गई। हाल ही में, केंद्र ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा जारी किया, जिसमें महिला आरक्षण के ढांचे में बदलाव का प्रस्ताव है। इस विधेयक के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस प्रस्ताव के अनुसार, राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों से अधिकतम 815 सदस्य सीधे निर्वाचित होंगे, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों से अधिकतम 35 सदस्य संसद द्वारा निर्धारित तरीके से चुने जाएंगे। सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयकों को पेश किया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ पेश किए, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ प्रस्तुत किया।
‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ के पक्ष में 251 वोट और विरोध में 185 वोट पड़े। इससे पहले कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने विधेयकों को ‘असंवैधानिक’ बताते हुए इन्हें पेश करने के समय पर सवाल उठाए। कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल ने तीनों विधेयकों को भारत के संघीय ढांचे पर हमला करार दिया और पूछा कि वास्तव में इन विधेयकों को इस समय लाने का क्या उद्देश्य है।