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ओम प्रकाश राजभर ने इंडिया ब्लॉक पर किया तीखा हमला, कहा असफल है विपक्षी गठबंधन

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला करते हुए इसे असफल करार दिया है। उन्होंने ममता बनर्जी और कांग्रेस की चुनावी ताकत पर सवाल उठाए। इस बीच, ममता बनर्जी ने अपने नेताओं पर हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और क्या है इंडिया ब्लॉक की बैठक की तैयारी।
 

इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले राजभर का बयान

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आगामी इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले विपक्षी गठबंधन पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने इसे संयुक्त क्षेत्रीय प्रभाव की कमी के कारण असफल बताया। राजभर ने कहा कि जो इंडिया गठबंधन बनने जा रहा है, उसमें कोई वास्तविक ताकत नहीं है। ममता बनर्जी के पास उत्तर प्रदेश में वोट नहीं हैं, और कांग्रेस भी वोट हासिल नहीं कर पा रही है। इस गठबंधन में शामिल सभी दलों का अपने-अपने राज्यों में अलग-अलग प्रभाव है। ऐसे में, यदि वे सभी एक साथ आकर केवल एक राज्य में चुनाव लड़ते हैं, तो उनकी ताकत कितनी होगी? इसलिए, राजभर के अनुसार, इंडिया गठबंधन असफल साबित होगा।


इंडिया ब्लॉक की बैठक की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, इंडिया ब्लॉक के नेता 8 जून को राष्ट्रीय राजधानी में सभी पार्टियों की बैठक आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। इस बैठक में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) की प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के शामिल होने की उम्मीद है। यह बैठक हाल ही में संपन्न हुए चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के बाद हो रही है। तृणमूल कांग्रेस ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हार का सामना करना पड़ा, जिससे राज्य में पार्टी का 15 साल का शासन समाप्त हो गया।


ममता बनर्जी का विरोध प्रदर्शन

यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के उस विरोध प्रदर्शन के साथ मेल खाता है, जिसे पार्टी राज्य में राजनीतिक अशांति के बाद अपने नेताओं पर लक्षित हमलों के संदर्भ में देख रही है। मंगलवार को, टीएमसी प्रमुख ने कोलकाता के रानी रश्मोनी एवेन्यू में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान, सांसद डोला सेन और कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता भी उनके साथ थे। ममता बनर्जी को प्रदर्शन में शामिल होने से पहले भारत के संविधान की एक प्रति लिए हुए भी देखा गया।


राजनीतिक हमलों का विरोध

यह प्रदर्शन अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी सहित कई टीएमसी नेताओं पर कथित हमलों के जवाब में आयोजित किया गया था। पार्टी ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर अपने प्रतिनिधियों को डराने और उनकी संगठनात्मक शक्ति को कमजोर करने का आरोप लगाया है। ममता बनर्जी ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के सांसद पर जिस तरह से हमला किया गया, वह चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को बुलाया गया, फिर भी अस्पतालों को कथित तौर पर इलाज न करने का निर्देश दिया गया। यह किस तरह का बेतुका और तानाशाही व्यवहार है?