उमर अब्दुल्ला का ममता बनर्जी के बांग्ला नाम परिवर्तन प्रस्ताव का समर्थन
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान
जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य का नाम 'बांग्ला' रखने के प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि राज्य विधानसभा इस पर कोई प्रस्ताव लाती है, तो केंद्र को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा केरल का नाम 'केरलम' करने के निर्णय का उल्लेख करते हुए पश्चिम बंगाल के मामले में भेदभाव पर सवाल उठाया।
बांग्ला नाम परिवर्तन की मांग
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि ममता बनर्जी ने यह मांग की है, तो केंद्र सरकार को इसे स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर केरल का नाम बदला जा सकता है, तो पश्चिम बंगाल का नाम क्यों नहीं बदला जा सकता? उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि जम्मू और कश्मीर विधानसभा भविष्य में नाम परिवर्तन का प्रस्ताव रखती है, तो केंद्र को उस पर भी ध्यान देना चाहिए। यह चर्चा तब शुरू हुई जब बनर्जी ने केंद्र को याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलने का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है।
टीएमसी का बयान
टीएमसी ने एक पोस्ट में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 'बांग्ला विरोधी' है और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह राज्य की संस्कृति और भाषा का सम्मान नहीं करते। ममता बनर्जी ने केरल के लोगों को 'केरलम' नाम के लिए बधाई दी और केंद्र को याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलने का प्रस्ताव वर्षों से अनसुना पड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य की 'वैध मांग' को इसलिए खारिज नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि उसने भाजपा के सामने झुकने से इनकार किया है।
भाजपा पर टीएमसी का आरोप
टीएमसी ने X पर लिखा कि हर चुनाव के समय, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह बंगाल में आकर हमारी संस्कृति और लोगों के प्रति प्रेम का दिखावा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह नाटक बंद होना चाहिए। टीएमसी ने आरोप लगाया कि भाजपा हमारी विरासत, भाषा और आदर्शों का सम्मान नहीं करती। जब कोई राज्य अपनी पहचान की मांग करता है, तो हमें खुशी होती है, लेकिन बंगाल इस भेदभाव को स्वीकार नहीं करेगा।