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उद्धव ठाकरे का भाजपा पर आरोप: मुंबई को गिरवी रखने की कोशिश

उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने बीएमसी चुनाव में धोखे से जीत हासिल की और मुंबई को गिरवी रखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मराठी मानुष इस विश्वासघात को कभी नहीं भूलेंगे। ठाकरे ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का महापौर बनाना एक सपना है, जो ईश्वर की इच्छा से पूरा होगा। भाजपा की नीतियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ठाकरे ने कहा कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
 

भाजपा ने बीएमसी चुनाव में धोखे से जीत हासिल की

शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को यह आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव में धोखे से जीत प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि भाजपा मुंबई को गिरवी रखने की मंशा रखती है, लेकिन मुंबईवासी इसे कभी नहीं भूलेंगे। ठाकरे ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी "ईश्वर की इच्छा से" मुंबई में अपना महापौर नियुक्त करेगी।


भाजपा द्वारा उनकी पार्टी से बीएमसी छीनने के एक दिन बाद, ठाकरे ने मुंबई के शिवसेना भवन में कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह गलतफहमी है कि उसने शिवसेना (यूबीटी) को समाप्त कर दिया है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। ठाकरे ने यह भी कहा कि भाजपा ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन वफादारी नहीं खरीद सकी।


भाजपा की नीतियों पर ठाकरे की कड़ी प्रतिक्रिया

ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने धोखे से चुनाव जीतकर मुंबई को गिरवी रखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि मराठी मानुष इस ‘पाप’ को कभी माफ नहीं करेंगे। ठाकरे ने यह भी कहा कि उनका सपना है कि शिवसेना (यूबीटी) का महापौर बने, और अगर ईश्वर की इच्छा हुई तो यह सपना साकार होगा।


उन्होंने कहा कि भाजपा को यह गलतफहमी है कि उसने शिवसेना (यूबीटी) को खत्म कर दिया है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। ठाकरे ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा जमीनी स्तर पर शिवसेना को समाप्त नहीं कर सकी है।


बीएमसी चुनाव परिणाम

ठाकरे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह निष्ठा खरीदने के लिए साम-दाम दंड भेद का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, "भाजपा ने मुंबई को गिरवी रखकर विश्वासघात के जरिए जीत हासिल की है। मराठी मानुष इस पाप को कभी माफ नहीं करेंगे। लड़ाई अब खत्म नहीं हुई है, बल्कि अभी शुरू हुई है।"


बीएमसी के 227 सदस्यीय सदन में भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं, जबकि सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें अपने नाम की हैं। शिवसेना (यूबीटी) को 65 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को छह सीटें मिलीं।