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अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार के सीमाओं के पुनर्गठन पर उठाए सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार द्वारा बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं के पुनर्गठन की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे 'तुगलकी आदेश' करार देते हुए कहा कि यह निर्णय जनहित के खिलाफ है। गहलोत ने सोशल मीडिया पर इस कदम को प्रशासनिक दृष्टि से अनुचित बताया और कहा कि यह आम जनता के साथ अन्याय है। उनकी सरकार ने जनता की सुविधा के लिए नए जिलों का गठन किया था, जबकि वर्तमान सरकार केवल राजनीतिक लाभ के लिए काम कर रही है।
 

गहलोत की कड़ी प्रतिक्रिया

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार रात को भाजपा सरकार द्वारा बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए बदलाव की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे 'तुगलकी आदेश' बताते हुए कहा कि यह निर्णय जनहित के खिलाफ और जल्दबाजी में लिया गया है।


सोशल मीडिया पर गहलोत की टिप्पणी

गहलोत ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बायतू को बाड़मेर जिले में और गुड़ामालानी-धोरीमन्ना को बालोतरा में शामिल करने का निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है। इससे गुड़ामालानी क्षेत्र के निवासियों के लिए जिला मुख्यालय की दूरी और बढ़ गई है।


जनहित के खिलाफ निर्णय

उन्होंने आगे कहा, 'यह आम जनता के साथ गंभीर अन्याय है। यह स्पष्ट है कि यह निर्णय जनसुविधा के लिए नहीं, बल्कि आगामी परिसीमन और राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए लिया गया है।'


गहलोत का पूर्ववर्ती दृष्टिकोण

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने जनता की सुविधा के लिए नए जिलों का गठन किया था, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार जनभावनाओं को नजरअंदाज कर केवल राजनीतिक लाभ उठाने में लगी हुई है। उन्होंने इस निर्णय की कड़ी निंदा की।