अशोक गहलोत ने एनसीईआरटी किताबों में बदलाव पर केंद्र सरकार को घेरा
गहलोत का केंद्र सरकार पर हमला
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेता अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्यपुस्तकों में हाल में हुए परिवर्तनों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। गहलोत ने इस कदम को संकीर्ण मानसिकता का प्रतीक बताया।
स्वाधीनता आंदोलन से दूर विचारधारा
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि एक ऐसी विचारधारा, जिसका स्वतंत्रता संग्राम से कोई संबंध नहीं है और जिसने देश की आजादी की लड़ाई में कभी योगदान नहीं दिया, आज सत्ता के घमंड में डूबी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये ताकतें देश के इतिहास और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास कर रही हैं।
एनसीईआरटी की किताबों में बदलाव
गहलोत ने एक बयान में कहा कि एनसीईआरटी की कक्षा आठ की किताबों में हाल में किए गए बदलाव इसी संकीर्ण सोच का परिणाम हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को हर मोर्चे पर असफल बताते हुए कहा कि वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए गलत जनमत बनाने की कोशिश कर रही है।
सरकार की नाकामियों पर सवाल
उन्होंने आगे कहा कि सरकार अपनी असफलताओं को सुधारने के बजाय हमारे महान पूर्वजों और स्वतंत्रता सेनानियों पर आरोप लगा रही है और एक गलत नैरेटिव तैयार करने में लगी हुई है। गहलोत ने यह भी कहा कि देश का युवा वर्ग इस राजनीतिक दुष्प्रचार और गौरवमयी इतिहास के साथ हो रहे खिलवाड़ को अच्छी तरह समझ रहा है।