अरविंद केजरीवाल का राम भक्त बनने का सफर: भाजपा का पलटवार
केजरीवाल का नया राजनीतिक मोड़
एक समय था जब अरविंद केजरीवाल ने श्रीराम जन्मभूमि पर स्कूल, अस्पताल या शौचालय बनाने का सुझाव दिया था। अब वह खुद को कट्टर राम भक्त साबित करने में जुटे हैं। पहले उन्होंने ईमानदारी का ढोंग किया था, लेकिन दिल्ली की जनता ने उन्हें सत्ता से हटा दिया। अब उनका ध्यान राम भक्त और हनुमान भक्त की छवि बनाने पर है। पहले मंदिर राजनीति को भाजपा का एजेंडा बताने वाले केजरीवाल अब राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर भाजपा पर हमलावर हैं। हालांकि, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन पर किया गया उनका एक तंज उनके लिए भारी पड़ गया। "आप कौन हैं?" कहकर केजरीवाल ने जो व्यंग्य किया, उसका जवाब भाजपा ने ऐसा दिया कि वह खुद घिर गए।
भाजपा अध्यक्ष का बयान
यह विवाद तब शुरू हुआ जब लखनऊ में भाजपा के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में नितिन नवीन ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म इतना कमजोर नहीं है कि लोग विपक्ष के बहकावे में आ जाएं। नितिन ने यह भी कहा कि जब हिंदू देवी-देवताओं का अपमान होता है, तब विपक्षी नेता चुप रहते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सनातन पर चोट देश बर्दाश्त नहीं करेगा।
केजरीवाल का तंज और भाजपा का जवाब
नितिन नवीन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर केवल तीन शब्द लिखे, "आप कौन हैं?"। उन्हें लगा होगा कि यह तंज भाजपा को असहज कर देगा, लेकिन भाजपा ने इसे अहंकार और राजनीतिक हताशा का प्रतीक बताकर पलटवार किया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री का जवाब
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केजरीवाल को तीखा जवाब देते हुए कहा कि नितिन नवीन भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उन्होंने चार बार विधायक रहकर अपनी पहचान बनाई है। रेखा ने कहा कि केजरीवाल इन दिनों निराश हैं, लेकिन उनका अहंकार अब भी ऊंचा है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
रेखा गुप्ता ने ममता बनर्जी के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि समय हर सवाल का जवाब देता है। उन्होंने केजरीवाल को चेतावनी दी कि रावण का अहंकार नहीं टिक पाया, तो केजरीवाल किस खेत की मूली हैं। अन्य भाजपा नेताओं ने भी केजरीवाल के बयान को राजनीतिक अहंकार का प्रतीक बताया।
चुनावों में केजरीवाल की हार
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी चुटकी लेते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष होना बड़ी बात है, लेकिन क्या वे उन्हें याद हैं? उन्होंने याद दिलाया कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में उन्होंने केजरीवाल को हराया था।
राम मंदिर चंदा विवाद
भाजपा के अन्य नेता इस विवाद को केजरीवाल की राजनीतिक कुंठा से जोड़कर पेश कर रहे हैं। इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद है, जिसमें आम आदमी पार्टी भाजपा और केंद्र सरकार को घेर रही है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केजरीवाल, जो कभी राम मंदिर के विरोधी थे, अचानक राम भक्त कैसे बन गए? भाजपा इस सवाल को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। वहीं, केजरीवाल राम मंदिर चंदा विवाद को भाजपा के खिलाफ हथियार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनका "आप कौन हैं?" वाला तंज अब उनके लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है।