अखिलेश यादव ने लखनऊ में बाटी चोखा पार्टी में बीजेपी पर साधा निशाना
अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति
अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक पार्टी का आयोजन किया, जहां उन्होंने बीजेपी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के विधायक आराम से बैठकर पार्टी कर रहे थे। अगर वे खड़े होते, तो सरकार की स्थिति क्या होती? उन्होंने यह भी कहा कि हम सब मिलकर खाते-पीते हैं, जबकि बीजेपी के विधायक केवल बैठे-बैठे भोजन कर रहे थे।
यह पार्टी 21 दिसंबर को बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक के संदर्भ में आयोजित की गई थी। नए साल के पहले दिन, अखिलेश ने बाटी चोखा पार्टी का आयोजन किया, जिसमें पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
पार्टी का आयोजन लखनऊ में पार्टी मुख्यालय में किया गया, जिसमें शिवपाल यादव और अन्य सांसद-विधायक भी शामिल हुए। अखिलेश ने बीजेपी की बैठक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बाटी चोखा और लिट्टी-चोखा में केवल क्षेत्रीय भेद है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के विधायक बैठे-बैठे लिट्टी चोखा खा रहे थे।
अखिलेश ने वोट चोरी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 करोड़ वोट कट गए हैं, तब अधिकारियों को बेइमानी करने का संकेत दिया गया। उन्होंने बीजेपी सरकार पर जनता को संकट में डालने का आरोप लगाया और कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना आवश्यक है।
ब्राह्मण वोट बैंक पर ध्यान
अखिलेश यादव का ध्यान ब्राह्मण वोट बैंक पर है। उनके चाचा शिवपाल यादव पहले ही ब्राह्मण विधायकों को एकजुट होने का निमंत्रण दे चुके हैं। अब अखिलेश यह संदेश दे रहे हैं कि वे उनके साथ हैं।
विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक है, और समय कम बचा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं को बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का निर्देश दिया। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में साथी बनने की सलाह दी गई है।