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अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत अधिकारों को प्राप्त करने के लिए लोगों को अदालतों का सहारा लेना पड़ रहा है। यादव ने 'पीडीए ऑडिट' दस्तावेज जारी किया, जिसमें आरक्षण के मुद्दे पर जानकारी दी गई। उन्होंने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पक्षपाती है और असमानता को बढ़ावा दे रही है। यादव ने आरक्षण को सामाजिक न्याय का साधन बताया और भाजपा सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।
 

भाजपा सरकार पर आरक्षण के अधिकारों का हनन

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह आरक्षण व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को प्राप्त करने के लिए लोगों को अदालतों का सहारा लेना पड़ रहा है। पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यादव ने 'पीडीए ऑडिट' नामक दस्तावेज जारी किया, जिसमें आरक्षण के मुद्दे पर जानकारी दी गई। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि यह दस्तावेज समय के साथ और अधिक आंकड़े शामिल करेगा।


 


यादव ने 'पीडीए' शब्द का उपयोग किया, जिसका अर्थ है 'पिछड़े', 'दलित' और 'अल्पसंख्यक'। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें रोजगार के क्षेत्र में आरक्षण को समाप्त करने की कोशिश कर रही हैं। वे 'एनएफएस' (उपयुक्त नहीं पाया गया) का भ्रामक नारा फैला रही हैं और अपने जैसे विचारधारा वाले लोगों को नौकरी दिलाने में लगी हैं। भाजपा इस लड़ाई को अनुचित तरीकों से जीतने की कोशिश कर रही है और न्यायपालिका को भी प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।


 


भाजपा पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा कि यदि छात्रों और उम्मीदवारों को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाना पड़े, तो यह दर्शाता है कि सरकार पक्षपाती है। उन्होंने कहा कि पक्षपात अपने आप में अन्याय है, क्योंकि यह अधिकारों को छीन लेता है।


 


संसद में आरक्षण को सामाजिक न्याय और समानता का साधन बताते हुए यादव ने कहा कि यह सुरक्षा का एक माध्यम है। उन्होंने भाजपा सरकार की मनमानी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि भाजपा को बुलडोजर का उपयोग करना है, तो उन्हें असमानता को समाप्त करने और सभी को उनका उचित आरक्षण दिलाने के लिए इसका उपयोग करना चाहिए।