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अखिलेश यादव ने भाजपा की हार को बताया 'डबल इंजन की डबल हार'

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल के उपचुनावों में भाजपा की हार को 'डबल इंजन की डबल हार' कहा है। उन्होंने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह हार युवाओं की एकजुटता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का परिणाम है। अखिलेश ने भाजपा की नीतियों पर भी सवाल उठाए और विजयी उम्मीदवारों से नई उम्मीदों पर खरा उतरने की अपेक्षा की। इस लेख में जानें पूरी कहानी और भाजपा की हार के पीछे के कारण।
 

सपा प्रमुख का भाजपा पर हमला

लखनऊ, तीन अगस्त: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में विभिन्न राज्यों में हुए उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार को 'डबल इंजन की डबल हार' के रूप में वर्णित किया। उन्होंने सोमवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। जो खुद को भगवान से ऊपर समझते थे, उन्हें भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और उनका घमंड भी तोड़ दिया।'


अखिलेश ने यह भी कहा कि भाजपा की हार युवाओं की एकजुटता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का परिणाम है।


उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी ने 'वोट चोरी, पेपर लीक, चंदा चोरी, नौकरी चोरी, आरक्षण चोरी, कमीशनखोरी, पीडीए पर अत्याचार, भ्रष्टाचार, महंगाई, मिलावट और माताओं-बेटियों के अपमान' के माध्यम से जनता के विश्वास को चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा, 'अब तो भाजपा वाले भी अपने ही किसी का इस्तीफा मांगेंगे। जो अपनी विधानसभा नहीं बचा सके, उनके भरोसे नाव कैसे पार होगी।'


बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने हराया।


यह उपचुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विधानसभा से इस्तीफे के बाद हुआ था। अखिलेश यादव ने भाजपा के प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, 'सबसे ज्यादा खुश तो उत्तर प्रदेश में वे लोग हैं, जिन्हें पीडीए समाज से होने के कारण राष्ट्रीय स्तर का पद न देकर राज्य स्तर का पद दिया गया।' उन्होंने आगे कहा, 'जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नहीं जिता पाए तो राज्य अध्यक्ष विधानसभा कैसे लड़वाएंगे। यह 'डबल इंजन की डबल हार' है।'


सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि भाजपा की हार बदलाव की शुरुआत है और पार्टी की परंपरागत तथा सुरक्षित मानी जाने वाली सीटें भी अब उसे नहीं बचा पाएंगी।


उन्होंने विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि उनसे नई उम्मीदों पर खरा उतरने और संविधान के प्रति प्रतिबद्ध रहने की अपेक्षा है।