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AIADMK प्रमुख ने DMK पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए

AIADMK के महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी ने DMK पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में 4 लाख करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने राज्यपाल को सबूत सौंपते हुए एक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। पलानीस्वामी का कहना है कि DMK ने जनता के लिए कोई लाभकारी कार्य नहीं किया और भ्रष्टाचार के मामलों की विस्तृत सूची भी राज्यपाल को सौंपी है। इस मुद्दे पर उनकी पार्टी एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में कार्य कर रही है।
 

भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (AIADMK) के महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी ने मंगलवार को सत्तारूढ़ DMK पर आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में तमिलनाडु के विभिन्न विभागों में 4 लाख करोड़ रुपये का व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने राज्यपाल को सबूत सौंपते हुए शासन की विफलताओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में जांच की मांग की।


 


पत्रकारों से बातचीत करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि DMK ने भ्रष्टाचार में लिप्त होने के साथ-साथ तमिलनाडु की जनता के लिए कोई लाभकारी कार्य नहीं किया है। उन्होंने बताया कि DMK ने कई सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है और इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हमने भ्रष्टाचार के सबूतों के साथ विभागवार शिकायतें राज्यपाल को सौंपी हैं। शासन व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल रही है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी खराब है।


 


पलानीस्वामी ने स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि एक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि DMK के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में कराई जाए।


 


राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात का जिक्र करते हुए एआईएडीएमके नेता ने कहा कि पार्टी ने DMK सरकार के खिलाफ विस्तृत शिकायतें प्रस्तुत की हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने 2021 से DMK सरकार के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की एक सूची राज्यपाल को सौंपी है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में भ्रष्टाचार के कारण विभिन्न विभागों में हुए नुकसान का विवरण भी राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया है।


 


पलानीस्वामी ने कहा कि पर्याप्त सबूत होने के कारण, हमने व्यापक जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि DMK एक कॉर्पोरेट कंपनी की तरह काम कर रही है। एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में, हम इन मुद्दों को उजागर कर रहे हैं।