×

AAP के सात सांसदों का BJP में विलय, केजरीवाल की पार्टी को झटका

आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है, जिससे अरविंद केजरीवाल की पार्टी की संख्या राज्यसभा में घटकर तीन रह गई है। इस घटनाक्रम ने AAP को एक बड़ा झटका दिया है, क्योंकि सांसदों ने आरोप लगाया है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। इस विलय के बाद भाजपा की ताकत ऊपरी सदन में बढ़कर 113 हो गई है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

सात सांसदों का भाजपा में विलय

राज्यसभा में विलय करने वाले सात सांसद: राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल, और राजिंदर गुप्ता। (फोटो: मीडिया चैनल)

नई दिल्ली, 27 अप्रैल: राज्यसभा के अध्यक्ष सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को आधिकारिक रूप से आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों के भाजपा में विलय को स्वीकार कर लिया, जिससे अरविंद केजरीवाल की पार्टी की संख्या ऊपरी सदन में तीन रह गई है।

इस बदलाव के बाद भाजपा की ताकत ऊपरी सदन में 113 हो गई है।

विलय करने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल, और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं।

राज्यसभा की वेबसाइट पर अब ये सात सांसद भाजपा के सदस्यों की सूची में शामिल हैं।

इन सांसदों ने शुक्रवार को राज्यसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया था कि उन्हें भाजपा के सांसदों के रूप में माना जाए, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

AAP ने रविवार को राज्यसभा अध्यक्ष के समक्ष एक याचिका दायर की थी, जिसमें इन सात सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई थी, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी थी।

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने अध्यक्ष राधाकृष्णन के समक्ष एक याचिका प्रस्तुत की है, जिसमें उन सात सांसदों की अयोग्यता की मांग की गई है, जिन्होंने हाल ही में AAP छोड़कर भाजपा में विलय की घोषणा की।

पिछले शुक्रवार को AAP को एक बड़ा झटका लगा जब सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय की घोषणा की, यह आरोप लगाते हुए कि केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक गई है।