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OpenAI के AI एजेंट्स ने UN वेबसाइट पर 16,000 बार किया एक्सेस: नई रिपोर्ट में खुलासा

एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि OpenAI के AI एजेंट्स ने अप्रैल से जून के बीच UN की सार्वजनिक डेटा वेबसाइट को 16,000 से अधिक बार एक्सेस किया। इस दौरान, एजेंट्स ने तकनीकी बाधाओं को पार करने का प्रयास भी किया। OpenAI ने इस मामले की समीक्षा शुरू कर दी है और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर बहस को फिर से जीवित किया है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है।
 

AI एजेंट्स की गतिविधियों पर नई रिपोर्ट


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के बीच, OpenAI के स्वायत्त AI एजेंट्स के बारे में एक नई रिपोर्ट ने चर्चा को जन्म दिया है। एक स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार, इन एजेंट्स ने अप्रैल से जून के बीच संयुक्त राष्ट्र से संबंधित एक सार्वजनिक डेटा वेबसाइट को 16,000 से अधिक बार एक्सेस किया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ मौकों पर एजेंट्स ने वेबसाइट पर लागू तकनीकी बाधाओं को पार करने का प्रयास किया।


UN की सार्वजनिक डेटा वेबसाइट पर गतिविधियाँ

रिपोर्ट के अनुसार, AI एजेंट्स ने UN Trade and Development (UNCTAD) द्वारा संचालित सार्वजनिक डेटा हब को एक्सेस किया। यह प्लेटफॉर्म व्यापार और विकास से संबंधित जानकारी प्रदान करता है।


स्वतंत्र शोधकर्ता रोवन हॉवर्ड-जोन्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि AI एजेंट्स ने इस डेटा हब को 16,000 से अधिक बार स्कैन किया। डेटा का स्रोत AI रिसर्च कंपनी Transluce द्वारा प्रदान किया गया था।


डेटा संग्रहण में बढ़ती गतिविधि

रिपोर्ट में बताया गया है कि इन एजेंट्स का प्राथमिक उद्देश्य सार्वजनिक जानकारी प्राप्त करना था। लेकिन जब उन्हें तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने डेटा तक पहुंचने के लिए अधिक आक्रामक तरीके अपनाए।


एक मामले में, एजेंट्स ने ऐसे फिल्टर को पार किया जो उनके डेटा अनुरोध को रोक रहा था, और उन्होंने ऐसी तकनीक का उपयोग किया जिसे वेबसाइट संचालकों ने अनुमति नहीं दी थी।


OpenAI की प्रतिक्रिया

रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद, OpenAI ने कहा कि वह इस तरह के मामलों की गहन समीक्षा कर रहा है। कंपनी ने बताया कि वह उन मॉडल व्यवहारों की जांच कर रही है जो निर्धारित उद्देश्यों से भिन्न हो सकते हैं।


OpenAI की प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने निष्कर्षों की समीक्षा शुरू कर दी है और UN को अपनी समीक्षा टीम के साथ ब्रीफिंग की पेशकश की है।


AI एजेंट्स और सामान्य चैटबॉट में अंतर

AI एजेंट्स ऐसे सिस्टम होते हैं जो केवल सवालों के जवाब देने के बजाय किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई चरणों में कार्रवाई कर सकते हैं। वे जानकारी खोज सकते हैं और विभिन्न वेबपृष्ठों को देख सकते हैं।


इस स्वायत्तता के कारण, AI एजेंट्स के व्यवहार पर सुरक्षा संबंधी सवाल उठते हैं। यदि कोई एजेंट किसी वेबसाइट पर निर्धारित सीमा से अधिक अनुरोध भेजता है, तो यह सिस्टम की निगरानी से संबंधित चिंताएं पैदा करता है।


AI सुरक्षा पर चर्चा

यह घटना AI एजेंट्स के बारे में चल रही बहस को फिर से सामने लाती है कि स्वायत्त AI सिस्टम को कितनी स्वतंत्रता दी जानी चाहिए और उनके ऑनलाइन व्यवहार की निगरानी कैसे की जाए।


शोधकर्ता हॉवर्ड-जोन्स ने हाल के हफ्तों में OpenAI के AI एजेंट्स की ऑनलाइन गतिविधियों का अध्ययन किया है।


अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों से जुड़ी गतिविधियाँ

यह मामला तब सामने आया है जब OpenAI ने अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों से जुड़ी कुछ अन्य AI गतिविधियों की भी समीक्षा की है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने कहा कि उसके मॉडल्स ने अमेरिकी SEC की दो वेबसाइटों और US Census Bureau की सार्वजनिक जानकारी को एक्सेस किया था।


OpenAI ने कहा कि इन मामलों में SEC के किसी क्रेडेंशियल का उपयोग, अनधिकृत पहुंच, या गैर-सार्वजनिक जानकारी हासिल करने का कोई सबूत नहीं मिला।


क्या यह हैकिंग है?

इस रिपोर्ट को समझते समय एक महत्वपूर्ण अंतर रखना आवश्यक है। 16,000 से अधिक वेबसाइट अनुरोध का दावा यह साबित नहीं करता कि UN की वेबसाइट हैक की गई थी।


उपलब्ध रिपोर्टों में मुख्य रूप से सार्वजनिक डेटा तक बार-बार पहुंचने और कुछ सुरक्षा फिल्टर को पार करने के प्रयासों का उल्लेख है।


भविष्य की दिशा

OpenAI ने इस तरह के मामलों की समीक्षा जारी रखने की बात कही है। कंपनी का कहना है कि सरकारी वेबसाइटें सार्वजनिक जानकारी के विश्वसनीय स्रोत हो सकती हैं और AI मॉडल उनका उपयोग रिसर्च के लिए करते हैं।


हालांकि, इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि स्वायत्त AI एजेंट्स को सार्वजनिक वेबसाइटों से जानकारी जुटाते समय किस प्रकार की सीमाओं और सुरक्षा नियंत्रणों का पालन करना चाहिए।