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NEET 2026 पेपर लीक पर राजनीतिक हलचल, अखिलेश यादव ने उठाए गंभीर सवाल

NEET 2026 की परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि NTA ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की पुष्टि की है। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया है कि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित की जाएगी। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और NTA की कार्रवाई के बारे में।
 

NEET 2026 परीक्षा में पेपर लीक का विवाद

भारत की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 में पेपर लीक की घटना ने एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संकट उत्पन्न कर दिया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने इस मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी है। इस बीच, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर कठोर आलोचना का निशाना बनाया है।


अखिलेश यादव का तीखा हमला

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जब तक भाजपा सत्ता में है, तब तक परीक्षाओं में लीक की घटनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि भविष्य में परीक्षा के प्रश्नपत्र फिर से लीक नहीं होंगे? यादव ने इसे 'भ्रष्टाचार का तंत्र' करार दिया और कहा कि लाखों छात्र और उनके परिवार इस स्थिति से परेशान हैं। उनके अनुसार, केवल भाजपा के हटने पर ही परीक्षा प्रणाली में सुधार संभव है।


NTA की प्रतिक्रिया और योजना

विपक्ष के लगातार हमलों के बीच, NTA ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्वीकार किया कि लीक हुए प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्न मुख्य परीक्षा के पेपर से मेल खाते थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, इसकी जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है। NTA ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि परीक्षा को निष्पक्ष और सही तरीके से फिर से आयोजित किया जाएगा।


  • परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष और सही ढंग से दोबारा आयोजित की जाएगी।
  • दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों से किसी भी तरह की अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
  • पेपर लीक के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
  • नई तारीखों का ऐलान बहुत जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर कर दिया जाएगा।