NCERT को मिला 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा, नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की शुरुआत
सरकार ने नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) को 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा दिया है, जिससे यह नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू कर सकेगा। यह निर्णय NCERT के कार्यक्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। NCERT अब UGC के दिशा-निर्देशों के अनुसार पाठ्यक्रम और ऑफ-कैंपस सेंटर स्थापित कर सकेगा। इस लेख में NCERT के नए दर्जे के महत्व और इसके प्रभावों पर चर्चा की गई है।
Apr 3, 2026, 11:23 IST
NCERT को मिला नया दर्जा
सरकार ने नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) को 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह कदम लगभग तीन साल बाद उठाया गया है, जब सरकार ने NCERT के कार्यक्षेत्र को बढ़ाने की योजना बनाई थी। अब NCERT नए पाठ्यक्रम और कार्यक्रम शुरू करने के लिए UGC के दिशा-निर्देशों का पालन कर सकेगा और 'ऑफ-कैंपस और ऑफशोर सेंटर' स्थापित कर सकेगा।
नोटिफिकेशन की जानकारी
सरकारी नोटिफिकेशन में कहा गया है, "शिक्षा मंत्रालय, UGC की सलाह पर, NCERT को एक विशेष श्रेणी के तहत 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' घोषित करता है, जिसमें छह अलग-अलग यूनिट शामिल हैं।"
शैक्षणिक कार्यक्रमों की शुरुआत
NCERT द्वारा शुरू किए जाने वाले सभी शैक्षणिक कार्यक्रम UGC और अन्य संबंधित वैधानिक संस्थाओं द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होंगे। इसके साथ ही, NCERT डॉक्टोरल और नए प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम भी आरंभ कर सकता है। पाठ्यक्रम की फीस का ढांचा भी UGC के नियमों के अनुसार होना चाहिए।
एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स
NCERT को अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों की तरह 'एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स' बनाए रखना होगा और अपने क्रेडिट स्कोर को डिजिटल लॉकर में अपलोड करना होगा। इसके अलावा, इसे राष्ट्रीय रैंकिंग और मान्यता प्रणालियों में भी भाग लेना होगा।
कमर्शियल गतिविधियों पर रोक
संस्थान को किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए जो व्यावसायिक या लाभ कमाने के उद्देश्य से हो। इसके अलावा, UGC और केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति के बिना, इस 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' या इसकी विभिन्न शिक्षण इकाइयों की संपत्ति या फंड का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जा सकता।
NCERT का इतिहास
NCERT की स्थापना 1961 में 'सोसायटी एक्ट' के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य स्कूल शिक्षा से संबंधित मामलों में सरकार को सहायता और सलाह प्रदान करना था। इस एक्ट के अनुसार, केंद्र सरकार UGC की सलाह पर किसी भी उच्च शिक्षा संस्थान को 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा दे सकती है, यदि वह किसी विशेष विषय में उच्च स्तर पर कार्य कर रहा हो। 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' का दर्जा प्राप्त संस्थानों को विश्वविद्यालय के समान शैक्षणिक अधिकार और दर्जा मिलता है।