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भारत और यूएई के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की चर्चा

भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अबू धाबी में महत्वपूर्ण बैठकें कीं। उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई पर चर्चा की और यूएई सरकार के प्रयासों की सराहना की। इस दौरे के दौरान, उन्होंने क्षेत्रीय हालात पर भी बातचीत की, जो वर्तमान में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानें इस कूटनीतिक वार्ता के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
 

भारत-यूएई संबंधों की मजबूती पर चर्चा

अबू धाबी से एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक समाचार आया है, जिसमें भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत करने पर विचार किया गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को अबू धाबी में शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।




जानकारी के अनुसार, इस बैठक में जयशंकर ने हाल के पश्चिम एशिया के तनाव के बीच यूएई में निवास कर रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं भी पहुंचाई।




यह ध्यान देने योग्य है कि भारत और यूएई के बीच की व्यापक रणनीतिक साझेदारी पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुई है। इसी संदर्भ में, दोनों नेताओं ने इस साझेदारी को और गहरा करने पर भी चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि यूएई के नेतृत्व के मार्गदर्शन से दोनों देशों के संबंध और भी मजबूत होंगे।




इस दौरे के दौरान, जयशंकर ने शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम से भी मुलाकात की। इस अवसर पर, उन्होंने विशेष रूप से दुबई में रह रहे भारतीयों के लिए यूएई सरकार के सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की।




इसके अतिरिक्त, उन्होंने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय परिस्थितियों और उनके व्यापक प्रभाव पर चर्चा हुई, जो वर्तमान हालात को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच, बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक यूएई में काम और व्यापार कर रहे हैं। इसलिए, उनकी सुरक्षा और स्थिरता भारत सरकार की प्राथमिकता रही है। इसी संदर्भ में, जयशंकर ने भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की और उन्हें सरकार के प्रयासों के बारे में जानकारी दी।




उन्होंने भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन समय में भी उन्होंने स्थानीय समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही, यूएई सरकार द्वारा उनके हितों की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।