ICC का नया प्रयोग: टेस्ट क्रिकेट में गुलाबी गेंद का उपयोग
आईसीसी का निर्णय
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने टेस्ट क्रिकेट में खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की समस्या को कम करने के लिए एक नया प्रयोग शुरू करने का निर्णय लिया है। अब ऐसे टेस्ट मैचों में, जहां खराब रोशनी की संभावना हो, लाल गेंद के स्थान पर गुलाबी गेंद का उपयोग किया जा सकेगा। हालांकि, इसके लिए दोनों टीमों की सहमति आवश्यक होगी।
गौरतलब है कि गुलाबी गेंद का उपयोग अब तक केवल दिन-रात्रि टेस्ट मैचों में किया जाता रहा है, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में। लेकिन अब ICC दिन के समय खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में भी आवश्यकता पड़ने पर लाल गेंद को गुलाबी गेंद से बदलने का परीक्षण करना चाहता है, ताकि कृत्रिम रोशनी में खेल जारी रखा जा सके और खराब रोशनी के कारण होने वाले समय और ओवरों के नुकसान को कम किया जा सके।
यह निर्णय अहमदाबाद में आयोजित ICC बोर्ड की बैठक में लिया गया। बोर्ड ने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की समिति की कई सिफारिशों को मंजूरी दी है। हालांकि, इस नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए 4 जून से शुरू होने वाली इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड की टेस्ट श्रृंखला में इसका उपयोग संभव नहीं होगा.
ICC ने खराब रोशनी की समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए अनुसंधान को भी मंजूरी दी है। परिषद अब मैच अधिकारियों और स्टेडियमों के लिए बेहतर प्रकाश व्यवस्था तकनीक पर शोध करेगी। इस परियोजना में मेरिलीबोन क्रिकेट क्लब (MCC) भी सहयोग करेगा.
इसके अलावा, सीमित ओवर क्रिकेट में भी एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब एकदिवसीय और टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में मुख्य प्रशिक्षक या टीम प्रबंधन का कोई नामित सदस्य निर्धारित ड्रिंक ब्रेक के दौरान मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से बातचीत कर सकेगा। पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसकी अनुमति नहीं थी और संदेश केवल ड्रिंक लेकर आने वाले खिलाड़ियों के माध्यम से पहुंचाए जाते थे। हालांकि, इंडियन प्रीमियर लीग जैसी फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में यह व्यवस्था पहले से लागू है.
ICC ने यह भी स्पष्ट किया है कि टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में दोनों पारियों के बीच का अंतराल 15 मिनट का होगा और बल्लेबाजों को खेल दोबारा शुरू होने के समय पूरी तरह तैयार रहना होगा.
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में चौड़ी गेंद के फैसलों को लेकर शुरू किए गए परीक्षण को भी स्थायी रूप से लागू करने की मंजूरी दे दी गई है। अब अंपायरों को लेग साइड की चौड़ी गेंद का फैसला करने में मदद के लिए दिशा-निर्देश रेखाओं का उपयोग किया जाएगा, खासकर तब जब बल्लेबाज अपनी क्रीज में लगातार स्थान बदल रहा हो.
संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के मामलों में भी ICC ने नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। अब मैच अधिकारियों को यह तय करने में मदद मिलेगी कि किसी गेंदबाज की रिपोर्ट करनी है या नहीं, इसके लिए उन्हें ए़़डवांस ट्रैकिंग तकनीक से प्राप्त आंकड़ों तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए बदलावों से क्रिकेट और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और दर्शकों के अनुकूल बनेगा। साथ ही, खराब रोशनी और तकनीकी विवादों के कारण खेल रुकने की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद की जा रही है.