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HAL के लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट में नकली टेस्ट रिपोर्ट का मामला

भारत के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम में एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें HAL के लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस Mk1A प्रोजेक्ट के लिए 199 नकली टेस्ट रिपोर्टें शामिल हैं। इस खुलासे के बाद, HAL ने हैदराबाद की एक वेंडर कंपनी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की है। FIR में TEC Aero Devices के CEO को आरोपी बनाया गया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और HAL की कार्रवाई के बारे में।
 

HAL की जांच में सामने आई धोखाधड़ी

भारत के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम में एक गंभीर मुद्दा उभरकर सामने आया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के एक आंतरिक ऑडिट में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस Mk1A प्रोग्राम के लिए सप्लाई किए गए पार्ट्स की 199 टेस्ट रिपोर्टों को नकली पाया गया है। इस धोखाधड़ी के खुलासे के बाद, HAL ने हैदराबाद की एक वेंडर कंपनी के खिलाफ बेंगलुरु में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला देश के महत्वपूर्ण फाइटर जेट प्रोजेक्ट की सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है.


FIR और शिकायत की जानकारी

HAL के एयरक्राफ्ट डिवीजन के डिप्टी जनरल मैनेजर रानू गुप्ता की शिकायत पर 2 जून को बेंगलुरु के HAL पुलिस स्टेशन में TEC Aero Devices के खिलाफ FIR दर्ज की गई। TEC Aero Devices के CEO एम. शिवराम प्रसाद को आरोपी बनाया गया है और पुलिस ने कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया है। गुप्ता ने बताया कि HAL ने 28 मार्च, 2022 से LCA-83 Mk-1A प्रोजेक्ट से जुड़े पार्ट्स की सप्लाई के लिए 18 खरीद ऑर्डर जारी किए थे।


नकली रिपोर्टों का खुलासा

HAL को 22 नवंबर, 2023 को TEC Aero Devices से एक माफीनामा मिला, जिसमें स्वीकार किया गया कि उसने हैदराबाद की Axis Inspection Solutions के नाम से दो गलत रिपोर्ट जमा की थीं। इसके बाद, HAL ने 29 नवंबर, 2023 को Axis Inspection Solutions में एक ऑडिट किया। ऑडिट के दौरान, HAL ने पाया कि फरवरी और सितंबर 2023 के बीच हैदराबाद की कंपनी द्वारा जमा की गई सभी 199 रिपोर्ट नकली थीं।


HAL की कार्रवाई

FIR में कहा गया है कि Axis Inspection Solutions ने HAL को बताया कि नकली रिपोर्ट बनाने और जमा करने के लिए उनके नाम और सिग्नेचर का गलत इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद, HAL ने TEC Aero Devices को 10 मार्च 2027 तक, यानी तीन साल के लिए कंपनी के साथ कारोबार करने से रोक दिया।


LCA Mk1 की विशेषताएँ

LCA Mk1 भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और विकसित किया गया सुपरसोनिक मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है। इसे एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने विकसित किया है और भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए HAL ने बनाया है। यह हल्का, सिंगल-इंजन वाला, चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट है, जो हवा से हवा में लड़ाई, ज़मीनी हमले और समुद्री हमले जैसे मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है.